सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है दालचीनी, जानिए इसका सेवन करने के 6 फायदे

Dalchini Benefits: दालचीनी, जिसे हम रोज अपने खाने में मसाले के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं है. आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक औषधि माना गया है. सही मात्रा में लेने से दालचीनी हमारी सेहत के लिए वरदान साबित होती है.

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Dalchini Benefits: दालचीनी का सेवन करने के फायदे.

Dalchini Benefits: दालचीनी, जिसे हम रोज अपने खाने में मसाले के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं है. आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक औषधि माना गया है. सही मात्रा में लेने से दालचीनी हमारी सेहत के लिए वरदान साबित होती है. चाहे पाचन संबंधी परेशानी हो, खांसी या सर्दी का झोंका, शुगर कंट्रोल, रक्त संचार या महिलाओं के मासिक चक्र से जुड़ी दिक्कतें दालचीनी हर जगह मदद करती है. 

दालचीनी का सेवन करने के फायदे

पाचन तंत्र

सबसे पहले बात करते हैं पाचन तंत्र की. आयुर्वेद में दालचीनी को 'अग्निदीपक' यानी पाचन अग्नि बढ़ाने वाला मसाला कहा गया है. अगर आपको अक्सर भारी पेट, गैस, अपच या भूख न लगना जैसी परेशानियां होती हैं, तो दालचीनी इन सभी में मदद करती है. चरक संहिता में इसे पाचन बढ़ाने वाले द्रव्यों में शामिल किया गया है.

सर्दी और खांसी 

सर्दी और खांसी में भी दालचीनी कारगर है. इसमें कफ नाशक गुण होते हैं, जो बलगम, गले में खराश और जकड़न को कम करने में मदद करते हैं. भावप्रकाश निघंटु में इसे विशेष रूप से कफ नाशक के रूप में बताया गया है. ठंडे मौसम में सुबह या रात को दालचीनी वाली चाय पीना जुकाम और बलगम को कम करने में फायदेमंद हो सकता है.

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डायबिटीज

शुगर कंट्रोल की बात करें तो आयुर्वेद में इसे मधुमेह (प्रमेह) में उपयोगी माना गया है. दालचीनी शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को सपोर्ट करती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है.

रक्त संचार

रक्त संचार को बेहतर बनाना भी दालचीनी की खासियत है. यह शरीर में हल्की गर्मी पैदा करती है, जिससे हाथ-पैर ठंडे रहना, सुस्ती और ब्लड फ्लो की कमी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है.

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मुंह की बदबू

दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं. इसका इस्तेमाल हल्के संक्रमण, मुंह की बदबू या त्वचा के छोटे-मोटे इन्फेक्शन में भी फायदेमंद माना जाता है.

पीरियड पेन

महिलाओं के लिए यह और भी लाभकारी है. पीरियड्स के दर्द, मासिक चक्र की अनियमितता और ऐंठन में दालचीनी सहायक है क्योंकि यह रक्त संचार को बढ़ाती है. आयुर्वेदिक ग्रंथ भावप्रकाश निघंटु में इसका स्त्री रोगों में उपयोग बताया गया है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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