डायबिटीज के मरीज हर रोज दूध और दही खा सकते हैं क्या? एक्सपर्ट से जानें जवाब

Can Diabetic Patient Eat Milk and Curd: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें आपको अपने खान-पान का खास ख्याल रखना पड़ता है. आइए जानते हैं कि क्या डायबिटीज के मरीज दूध और दही खा सकते हैं.

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Diabeties: डायबिटीज के मरीज दूध और दही खा सकते हैं?

Can Diabetic Patient Eat Milk and Curd: आपने भी सुना होगा कि कई डाइट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को डेयरी प्रोडक्ट्स को अवॉइड करना चाहिए. इन्हें खाने से डायबिटीज के मरीजों की शुगर बढ़ती है और जिन लोगों को डायबिटीज नहीं भी है उनके अंदर भी इसके होने का जो रिस्क है वो कई गुना बढ़ जाता है. ऐसा बहुत सारे लोगों का मानना है. तो आज डॉक्टर सलीम जैदी ने इन सभी मिथ्स को लेकर के जवाब दिए हैं. उन्होंने बताया कि आखिर इस बारे में साइंस क्या कहती है? क्या वाकई आपको डायबिटीज में दूध और दही का सेवन नहीं करना चाहिए या फिर अगर करना चाहिए तो ऐसे में कौन-कौन सी सावधानियां रखनी पड़ेंगी? तो सबसे पहले ये समझने की कोशिश करते हैं कि दूध और दही को कुछ लोग डायबिटीज के लिए इतना बुरा क्यों मानते हैं?

दूध और दही से ब्लड शुगर क्यों बढ़ सकता है?

दूध और दही में लैक्टोज नाम का नैचुरल शुगर होता है. इसलिए इसका सेवन ब्लड शुगर को भी बढ़ा सकता है. आपको बता दें कि 1 कप दूध में लगभग 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. वहीं 1 कप प्लेन दही में 5–10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है. इन कार्ब्स की वजह से ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना रहती है.

किन लोगों को दूध नहीं पचता है (लैक्टोज इंटॉरलेंस)

बता दें कि कुछ लोग लैक्टोज इंटॉरलेंस होते हैं ऐसे लोगों को दूध या इससे बनी चीजें नहीं पचती हैं. इसको खाने से गैस, ब्लोटिंग और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है.  आपको बता दें कि ये दिक्कतें डायबिटीज में डाइजेशन और शुगर कंट्रोल को और बिगाड़ सकती हैं.

फुल-फैट दूध / दही में ज्यादा सैचुरेटेड फैट होता है. ये इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है. जिसकी वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा भी बढ़ जाता है.

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दूध और दही डायबिटीज मरीजों के लिए कई तरह से हेल्दी भी है

दूध और दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो होता है. दूध और दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभद 30-40 होता है जो ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता है. इसके साथ ही दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन B12 पाया जाता है.  दही में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स जो गट हेल्थ और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं. लेकिन इसको सही तरीके से लेना ही फायदेमंद होता है. आइए जानते हैं डायबिटीज के मरीजों को किस तरह से करना चाहिए दूध और दही का सेवन.

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डायबिटीज में दूध पीने का सही तरीका 

अगर आप दूध पी रहे हैं तो आप लो-फैट या स्किम्ड दूध लें. आप फ्लेवर्ड मिल्‍क या दूध में चीनी मिलाकर न पिएं. इसके साथ ही मात्रा का भी ख्याल रखें. एक बार में 200–250 ml दूध का ही सेवन करें. रात के समय दूध पिएं लेकिन इसमें शक्कर न डालें.

डायबिटीज में दही खाने का सही तरीका

डायबिटीज के मरीज प्लेन और अनस्वीटेंड दही लें, वो फ्लेवर्ड और मीठी दही का सेवन करने से बचें. दही को हमेशा दिन के समय या खासकर दोपहर में खाएं. रात में इसका सेवन करने से बचें. इसके साथ ही एक दिन में 150–200 gm तक ही दही खाएं    

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इन सबसे ये समझ में आता है कि आप डायबिटीज में भी दूध और दही का सेवन कर सकते हैं बस आपको उसको पीने का सही तरीका और सही मात्रा पता होना चाहिए. 

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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