Vaishakh Purnima 2026: 30 अप्रैल या 1 मई कब है वैशाख महीने की पूर्णिमा? जानिए सही तारीख और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त

Vaishakh Purnima 2026 Kab Hai: वैशाख पूर्णिमा पर व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और कष्ट- समस्याएं कम होती हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल वैशाख पूर्णिमा कब है और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा...

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वैशाख पूर्णिमा 2026 कब है?
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Vaishakh Purnima 2026 Date and Time: वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन दान-पुण्य, स्नान और भगवान की उपासना करना बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. इसके अलावा वैशाख पूर्णिमा पर नए कार्य की शुरुआत करना बेहद फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पर व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और कष्ट- समस्याएं कम होती हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल वैशाख पूर्णिमा कब है और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा...

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कब है वैशाख पूर्णिमा?

वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल वैशाख पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 12 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए वैशाख पूर्णिमा का व्रत 1 मई 2026, दिन शुक्रवार को रखा जाएगा.

वैशाख पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:15 बजे से सुबह 04:58 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से सुबह 12:45 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:55 बजे से 07:17 शाम बजे तक
अमृत काल: शाम 06:56 बजे से रात 08:41 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से रात 12:39 बजे तक

दान-सन्ना का शुभ मुहूर्त सुबह 05:35 से 07:30 तक रहेगा.

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वैशाख पूर्णिमा का महत्व

शास्त्रों के मुताबिक, वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन दान करना अत्यंत शुभ होता है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुणा फल प्राप्त होता है. इसके अलावा मान्यता यह भी है कि वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है. साथ ही मृत्यु के उपरांत वैकुंठ लोक में स्थान मिलता है. इसके साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से जीवन के दुख-कष्ट दूर होते हैं.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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