Vaishakh Amavasya 2026: त्योहारों और व्रतों की तारीखों को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है और वैशाख अमावस्या 2026 को लेकर भी यही स्थिति है. कई लोग यह जानना चाहते हैं कि यह 16 अप्रैल को है या 17 अप्रैल को. हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को पड़ेगी. यह दिन हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है, खासकर पितरों से जुड़े कार्यों के लिए. वैशाख अमावस्या को स्नान (पवित्र स्नान), दान और तर्पण के लिए बहुत शुभ माना जाता है. यह साल की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्या तिथियों में से एक मानी जाती है, जिस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का विशेष फल मिलता है.
वैशाख अमावस्या 2026 की तारीख और तिथि
पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या की तिथि 16 अप्रैल 2026 को रात 8:11 बजे शुरू होगी और 17 अप्रैल 2026 को शाम 5:21 बजे समाप्त होगी, क्योंकि हिंदू त्योहारों की तारीख सूर्योदय के आधार पर तय होती है, इसलिए वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
स्नान‑दान का शुभ मुहूर्त और समय
- सुबह का समय स्नान, दान और पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह करीब 4:25 बजे से 5:09 बजे तक, इस समय स्नान और पूजा करना बहुत शुभ होता है.
- सूर्योदय- सुबह लगभग 5:54 बजे से सूर्योदय के बाद का समय भी स्नान और दान के लिए अच्छा माना जाता है.
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11:55 बजे से 12:47 बजे तक, इस दौरान दान‑पुण्य और भगवान की पूजा करना लाभकारी माना जाता है.
वैशाख अमावस्या का मुख्य महत्व पितरों को सम्मान देने से जुड़ा है. मान्यता है कि इस दिन तर्पण और श्राद्ध करने से दिवंगत आत्माओं को शांति मिलती है. इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और जरूरी सामान दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक फल और आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.
यह भी पढ़ें:- Surya Grahan 2026: कब लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? जानिए क्या रहेगा समय और भारत पर क्या होगा इसका प्रभाव
धार्मिक कार्यइस दिन की शुरुआत आमतौर पर सुबह जल्दी स्नान से की जाती है. अगर संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करना उत्तम माना जाता है. यदि यह न हो पाए, तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान भी किया जाता है. इसके बाद सूर्यदेव को जल अर्पित किया जाता है, पितरों के लिए तर्पण किया जाता है और कई लोग व्रत का संकल्प लेते हैं. इस दिन भोजन और वस्त्र दान करना भी बहुत जरूरी माना गया है. हालांकि, परंपरा के अनुसार इस दिन नया काम शुरू करने या बड़ी खरीदारी करने से बचने की सलाह दी जाती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं