Shani Jayanti 2026: शनि जयंती कब है? 13 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है.

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शनि जयंती 2026 कब है?

Shani Jayanti 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में शनि जयंती का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था. इसे शनि अमावस्या और शनैश्चरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. हर साल ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है. लेकिन साल 2026 में यह और भी खास रहने वाली है, क्योंकि इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है. ज्योतिष के अनुसार, ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 13 साल बाद बन रहा है. यही वजह है कि इस दिन पूजा-पाठ और उपायों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है.

शनि जयंती 2026 की तिथि 

द्रिक पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 17 मई को रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को मनाई जाएगी.

शनि जयंती पर क्या करें?

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है. जिन लोगों की कुंडली में शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उन्हें इस दिन विशेष पूजा करनी चाहिए.

  • इस दिन दशरथ कृत शनि स्तोत्र और शनि चालीसा का पाठ करें.
  • काले तिल, काले कपड़े और सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है.
  • जरूरतमंद लोगों को उड़द की दाल, सरसों का तेल या उससे बने भोजन का दान करें.
  • पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  • लोहे की कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें सिक्का डालें और उसमें अपना चेहरा देखकर दान करें.

मान्यता है कि इन उपायों से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन की परेशानियां कम होती हैं.

शनि जयंती पर क्या न करें?

शनि जयंती के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

  • तामसिक भोजन और शराब का सेवन न करें.
  • मजदूरों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों का अपमान भूलकर भी न करें.
  • इस दिन बाल और नाखून काटने से बचें.
  • चमड़े की चीजें, जूते-चप्पल और काले रंग की वस्तुएं खरीदना शुभ नहीं माना जाता.
  • यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य और शनि दोनों की दशा चल रही हो, तो इस दिन सूर्य पूजा से बचने की सलाह दी जाती है.

ज्योतिषाचार्य कहते हैं, शनि जयंती का दिन आत्मचिंतन, सेवा और पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. सच्चे मन से किए गए उपाय और दान से शनिदेव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है.

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