Masik Shivratri 2026: आज है मासिक शिवरात्रि, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत के नियम

Masik Shivratri 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं. खासकर जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो या जीवन में मानसिक तनाव हो, उनके लिए यह व्रत लाभकारी माना जाता है.

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Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि व्रत के नियम

Masik Shivratri 2026: भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए मासिक शिवरात्रि का दिन बेहद खास माना जाता है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह पावन व्रत रखा जाता है. ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि इस बार शुक्रवार को पड़ रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं. खासकर जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो या जीवन में मानसिक तनाव हो, उनके लिए यह व्रत लाभकारी माना जाता है. 

कब से कब तक रहेगी चतुर्दशी तिथि?

पंचांग के अनुसार, आज यानी 15 मई की सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक त्रयोदशी तिथि रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जो अगले दिन सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए आज यानी 14 मई शुक्रवार के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा.

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

शुक्रवार को कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:30 बजे से रात 8:14 बजे तक रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त भी पूजा-पाठ के लिए शुभ माने गए हैं.

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ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
  • मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. 
  • इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. 
  • घर के मंदिर या शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल या गंगाजल चढ़ाएं. 
  • भगवान को दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें.
  • भगवान शिव को शक्कर और घी से बने मिष्ठान का भोग लगाना शुभ माना जाता है. 
  • पूजा के दौरान शिव मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें. 
  • अंत में घी के दीपक से भगवान शिव की आरती करें.
व्रत के नियम
  • इस दिन केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें. 
  • कई भक्त निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं. आप अपनी श्रद्धा के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं. 
  • व्रत के दौरान क्रोध, झूठ और विवाद से दूर रहें. 
  • अगले दिन पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है, इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ माना जाता है.

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा दिलाता है और जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता लाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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