Jaya Ekadashi 2026 LIVE: आज माघ मास के शुक्लपक्ष की पावन एकादशी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में जया एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है. यह पावन व्रत साधक के सभी कष्टों को दूर करके कामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है. जिस जया एकादशी व्रत के पुण्यफल से जीवन की सभी बड़ी बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, उस पापनाशिनी एकादशी पर आज आखिर कैसे करें श्री हरि की पूजा? जया एकादशी व्रत की पूजा विधि, स्नान-दान का धार्मिक महत्व और इस व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम आदि को आइए विस्तार से जानते हैं.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: जया एकादशी पर इन 5 गलतियों के कारण नहीं मिलता पुण्यफल
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: जया एकादशी व्रत वाले दिन भगवान विष्णु की साधना-आराधना करने वाले साधक को भूलकर भी किसी का दिया हुआ अन्न और जल नहीं ग्रहण करना चाहिए. इस दिन दूसरे से अन्न जल लेने की बजाय स्वयं इन चीजों का दान करने का महत्व होता है.
- जया एकादशी के दिन साधक को क्षौरकर्म नहीं कराना चाहिए. एकादशी के दिन बाल, नाखून आदि कटवाने को दोष माना गया है, जिससे इस व्रत का पुण्यफल क्षीण होता है.
- जया एकादशी व्रत वाले दिन चावल एवं तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
- जया एकादशी व्रत वाले दिन किसी क्रोध नहीं करना चाहिए और न ही किसी की निंदा या अपमान करना चाहिए.
- जया एकादशी व्रत के अगले दिन पारण अवश्य करना चाहिए अन्यथा इस व्रत का पुण्यफल नहीं मिलता है.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: जया एकादशी पर गुरुवार का सुखद संयोग, जानें पूजा के किस उपाय से बढ़ेगा आपका गुडलक
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: जया एकादशी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए यदि संभव हो तो आज किसी जलतीर्थ जैसे गंगा, गोदावरी, यमुना आदि नदियों पर जाकर स्नान और दान करना चाहिए.
- जया एकादशी व्रत पर आज गुरुवार का संयोग बन रहा है, ऐसे में आज किसी मंदिर में जाकर चने की दाल, गुड़, पूजा की सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, अन्न और धन आदि का दान करने पर सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी.
- जया एकादशी तिथि पर साधक को भगवान विष्णु के 108 नाम या फिर श्री विष्णु सहस्त्रनाम का श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करना चाहिए.
- जया एकादशी व्रत पर विष्णुप्रिया कहलाने वाली तुलसी माता की विशेष पूजा करें और भगवान विष्णु की पूजा में जरूर अर्पित करें.
- जया एकादशी व्रत वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में श्री हरि को केसर या हल्दी का तिलक लगाएं और उसे प्रसाद के रूप में अपने माथे पर लगाएं.
- जया एकादशी व्रत पर गुडलक को बढ़ाने के लिए पीले रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के फल, मिठाई और वस्त्र आदि अर्पित करें.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: जया एकादशी व्रत कैसे करें? जानें पूजा-पाठ से लेकर खान-पान तक का पूरा नियम
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: हिंदू मान्यता के अनुसार जया एकादशी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए इस दिन साधक को श्रद्धा और भक्ति के साथ सभी नियमों को पालन करते पूरे विधि-विधान से श्री हरि की पूजा करनी चाहिए.
जया एकादशी व्रत वाले दिन आप अपनी क्षमता के अनुसार निर्जल या फलाहार व्रत रख सकते हैं.
जया एकादशी व्रत करने वाले साधक को दिन में नहीं सोना चाहिए और दिन में श्री हरि के मंत्र का मन में जप करना चाहिए.
जया एकादशी वाले दिन भूलकर भी चावल और तामसिक चीजों का सेवन न करें बल्कि इसकी जगह पर फल, दूध, दही, साबूदाना, सिंघाड़े के आटे आदि से बने सात्विक चीजों को ग्रहण करें.
जया एकादशी वाले दिन पीले या फिर उजले रंग के वस्त्र धारण करें और भूलकर भी काले रंग का कपड़ा न पहनें.
जया एकादशी व्रत रखने वाले साधक को किसी निंदा नहीं करनी चाहिए और न ही किसी के प्रति गलत भावना रखनी चाहिए.
जया एकादशी व्रत वाले दिन नियम-संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
जया एकादशी व्रत वाले दिन तुलसी न तोड़ें और अगले दिन शुभ मुहूर्त में इस व्रत का पारण करें.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: भगवान विष्णु की आरती, जिसे किए बगैर अधूरी है जया एकादशी व्रत की पूजा
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा उनकी आरती के बगैर अधूरी मानी जाती है। जिस आरती को करने से पूजा की सभी भूल-चूक माफ और कमियां दूर हो जाती हैं, उसे आज जया एकादशी व्रत की पूजा के अंत में जरूर करें. आइए भगवान श्री विष्णु का गुणगान करने वाली आरती का श्रद्धा के साथ गान करते हैं.
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे.
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे.
जो ध्यावैफल पावै, दुख बिनसेमन का.
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का.
ॐ जय जगदीश हरे...
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी.
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी.
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता.
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता.
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति.
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैंकुमति.
ॐ जय जगदीश हरे...
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे.
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे.
ॐ जय जगदीश हरे...
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा.
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा.
ॐ जय जगदीश हरे...
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ हैतेरा.
तेरा तुझको अर्पण क्या लागेमेरा.
ॐ जय जगदीश हरे...
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे.
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे.
ॐ जय जगदीश हरे...
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: शत्रुओं पर विजय और सुख-सौभाग्य दिलाता है जया एकादशी का व्रत
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: हिंदू मान्यता के अनुसार प्रत्येक मास में कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है. इस तरह पूरे साल में कुल 24 एकादशी पड़ती है, जिसमें माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को जया एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है. सनातन परंपरा में जया एकादशी व्रत का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस पावन व्रत को करने से व्यक्ति के बड़े से बड़े पाप नष्ट हो जाते हैं और वह श्री हरि की कृपा को पाकर सभी सुखों को भोगता हुआ अंत में मोक्ष को प्राप्त होता है.
जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति तन और मन से पवित्र होकर स्वयं पर संयम रखना सीखता है. जया एकादशी व्रत के पुण्य प्रताप से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. जया एकादशी व्रत को विधि-विधान से रखने पर श्री हरि साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसे प्रत्येक क्षेत्र में सफलता दिलाते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार माघ मास में पड़ने वाली जया एकादशी का व्रत व्यक्ति को तीन गुना ज्यादा पुण्यफल प्रदान करता है.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: जया एकादशी पर कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा? जानें स्टेप-बाय-स्टेप सरल-सनातनी विधि
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: जिस जया एकादशी व्रत को करने से व्यक्ति के सभी दोष और दुख शीघ्र ही दूर हो जाते हैं, उस महाव्रत को रखने के लिए आज तन और मन से पवित्र होने के बाद यदि संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
जया एकादशी व्रत की पूजा को प्रांरभ करने से भगवान विष्णु का स्वरूप माने जाने वाले प्रत्यक्ष देवता सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य प्रदान करें.
इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए जया एकादशी व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लें.
भगवान विष्णु की पूजा अपने घर के मंदिर में या फिर ईशान कोण में या फिर श्री हरि के मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ करें.
यदि आप अपने घर में श्री हरि की पूजा कर रहे हैं तो एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर सबसे पहले भगवान की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें.
श्री हरि पर गंगाजल या फिर शुद्ध जल अर्पित करने के बाद उन्हें पीले चंदन, केसर या फिर हल्दी का तिलक लगाएं.
भगवान विष्णु को फल-फूल, धूप-दीप, तुलसी, पंचामृत आदि अर्पित करने के बाद एकादशी व्रत की कथा कहें या फिर सुनें.
एकादशी व्रत की कथा के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ या फिर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करें.
पूजा के अंत में भगवान श्री विष्णु और एकादशी माता की आरती करें.
एकादशी का व्रत तब अधूरा माना जाता है, जब तक आप इसका पारण नहीं करते हैं. ऐसे में पूरे दिन नियम-संयम का पालन करते हुए अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें.
Jaya Ekadashi 2026 LIVE Updates: जया एकादशी पर गुरुवार बढ़ाएगा गुडलक, जानें पूजा से लेकर पारण तक का मुहूर्त
Jaya Ekadashi 2026 LIVE: देश की राजधानी दिल्ली के समयानुसार आज माघ मास और जनवरी महीने की आखिरी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा कब करें? श्री हरि की साधना—आराधना से लेकर पारण तक का शुभ मुहूर्त आइए विस्तार से जानते हैं —
जया एकादशी व्रत : 29 जनवरी 2026, गुरुवार
माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी प्रारंभ : 28 जनवरी 2026, बुधवार की शाम 04:35 बजे
माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी समाप्त : 29 जनवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 01:55 बजे
ब्रह्म मुहूर्त : प्रात:काल 04:59 से लेकर 05:50 बजे तक
अभिजित मुहूर्त : प्रात:काल 11:54 से दोपहर 12:39 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:08 से लेकर 02:53 बजे तक
अमृत काल: प्रात:काल 09:26 से 10:54 बजे तक
जया एकादशी व्रत का पारण का समय : 30 जनवरी 2026 की सुबह 06:41 से 08:56 बजे के मध्य में














