20 days ago

Amalaki Ekadashi LIVE Updates: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं. इन्हीं में से एक है आमलकी एकादशी, जो फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आती है. आमलकी एकादशी को अमला एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस व्रत को सच्ची श्रद्धा से करने पर पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना गया है. चलिए आपको बताते हैं आमलकी एकादशी की पूजा विधि, व्रत के नियम और महा उपाय सिर्फ एक क्लिक में...

आमलकी एकादशी 2026: महत्व

आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एक बहुत ही पवित्र और शुभ दिन माना जाता है. यह दिन पूरी तरह से भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित होता है. इस दिन भगवान विष्णु के भक्त सुबह से शाम तक सख्त व्रत रखते हैं. पूरे मन से उनकी पूजा और प्रार्थना करते हैं.

मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे नियम से यह व्रत करता है, उसे पिछले जन्म और इस जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है. यह व्रत इतना शक्तिशाली माना जाता है कि यह मोक्ष भी दिला सकता है यानी जन्म‑मरण के चक्र से छुटकारा मिल सकता है.

आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त

आमलकी एकादशी पर इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं. सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग जैसे शुभ संयोग इस दिन को और भी खास बना रहे हैं. मान्यता है कि इन योगों में पूजा-पाठ और दान करने से कई गुना पुण्य मिलता है.

Feb 27, 2026 12:58 (IST)

कान्हा की नगरी में आज रंग भरनी एकादशी पर होंगे ये कार्यक्रम

  • बांके बिहारी मंदिर में सोने चांदी की पिचकारियों से होली खेलेंगे बिहारीजी. 
  • सभी मंदिरों में आज से खेली जाएगी रंगों से होली.
  • रंगभरनी एकादशी पर वृंदावन में परिक्रमा में दिखाई देगा आस्था का सैलाब. 
  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी आज खेली जाएगी फूलों की होली. 
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कृष्ण लीलाओं के साथ होगी होली की शुरूआत. 
  • अबीर गुलाल , फूलों की होली और फिर खेली जाएगी लाठियों से होली. 
  • प्रेम पगी लाठियों से  हुरियारिन और हुरियारे खेलेंगे होली.

Feb 27, 2026 11:58 (IST)

Amalaki Ekadashi 2026: पारण का समय और सही मुहूर्त

  • आमलकी एकादशी का पारण 28 फरवरी को किया जाएगा.
  • पारण मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 47 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक.

ध्यान रखें कि द्वादशी तिथि के भीतर पारण करना आवश्यक माना गया है. हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल में पारण करना सबसे उत्तम होता है.

Feb 27, 2026 11:19 (IST)

आमलकी एकादशी पर क्या करना शुभ माना जाता है?

उपवास से अलग आमलकी एकादशी पर कुछ अन्य कामों को भी बेहद शुभ माना गया है. 


यहां क्लिक कर जानिए आज के दिन क्या करने से आप शुभ फल पा सकते हैं-

Feb 27, 2026 10:49 (IST)

आमलकी एकादशी का व्रत कैसे रखें?

एकादशी के दिन निराहार व्रत रखा जाता है. हालांकि, अगर पूरे दिन उपवास संभव न हो तो फलाहार कर सकते हैं. अगले दिन द्वादशी पर पूजा के बाद ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराकर स्वयं भोजन करें. तभी व्रत पूर्ण माना जाता है.

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Feb 27, 2026 10:00 (IST)

आमलकी एकादशी पर क्यों की जाती है आंवले के पेड़ की पूजा?

आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है. माना जाता है कि और आंवले के वृक्ष का पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. 

यहां क्लिक कर पढ़ें इसके पीछे की मान्यता और पौराणिक कथा-

Feb 27, 2026 09:00 (IST)

भगवान विष्णु की आरती | Bhagwan Vishnu Ki Arti

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे।


जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।

स्वामी दुःख विनसे मन का।

सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

ॐ जय जगदीश हरे।


मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।

स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे।


तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।

स्वामी तुम अन्तर्यामी।

पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय जगदीश हरे।


तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।

स्वामी तुम पालन-कर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय जगदीश हरे।


तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।

स्वामी सबके प्राणपति।

किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥

ॐ जय जगदीश हरे।


दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

स्वामी तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे।


विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।

स्वमी पाप हरो देवा।

श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे।

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।


स्वामी जो कोई नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

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Feb 27, 2026 08:47 (IST)

आमलकी एकादशी आरती | Amalaki Ekadashi Arti

ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता।

विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥

ॐ जय एकादशी...॥

तेरे नाम गिनाऊं देवी,भक्ति प्रदान करनी।

गण गौरव की देनी माता,शास्त्रों में वरनी॥

ॐ जय एकादशी...॥

मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना,विश्वतारनी जन्मी।

शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा,मुक्तिदाता बन आई॥

ॐ जय एकादशी...॥

पौष के कृष्णपक्ष की,सफला नामक है।

शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा,आनन्द अधिक रहै॥

ॐ जय एकादशी...॥

नाम षटतिला माघ मास में,कृष्णपक्ष आवै।

शुक्लपक्ष में जया, कहावै,विजय सदा पावै॥

ॐ जय एकादशी...॥

विजया फागुन कृष्णपक्ष मेंशुक्ला आमलकी।

पापमोचनी कृष्ण पक्ष में,चैत्र महाबलि की॥

ॐ जय एकादशी...॥

चैत्र शुक्ल में नाम कामदा,धन देने वाली।

नाम वरूथिनी कृष्णपक्ष में,वैसाख माह वाली॥

ॐ जय एकादशी...॥

शुक्ल पक्ष में होयमोहिनी अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।

नाम निर्जला सब सुख करनी,शुक्लपक्ष रखी॥

ॐ जय एकादशी...॥

योगिनी नाम आषाढ में जानों,कृष्णपक्ष करनी।

देवशयनी नाम कहायो,शुक्लपक्ष धरनी॥

ॐ जय एकादशी...॥

कामिका श्रावण मास में आवै,कृष्णपक्ष कहिए।

श्रावण शुक्ला होयपवित्रा आनन्द से रहिए॥

ॐ जय एकादशी...॥

अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की,परिवर्तिनी शुक्ला।

इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में,व्रत से भवसागर निकला॥

ॐ जय एकादशी...॥

पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में,आप हरनहारी।

रमा मास कार्तिक में आवै,सुखदायक भारी॥

ॐ जय एकादशी...॥

देवोत्थानी शुक्लपक्ष की,दुखनाशक मैया।

पावन मास में करूंविनती पार करो नैया॥

ॐ जय एकादशी...॥

परमा कृष्णपक्ष में होती,जन मंगल करनी।

शुक्ल मास में होयपद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥

ॐ जय एकादशी...॥

जो कोई आरती एकादशी की,भक्ति सहित गावै।

जन गुरदिता स्वर्ग का वासा,निश्चय वह पावै॥

ॐ जय एकादशी...॥

Feb 27, 2026 08:26 (IST)

Amalaki Ekadashi Vrat Katha: आमलकी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा

कहा जाता है कि आमलकी एकादशी की पूजा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती, जब तक इसकी व्रत कथा न सुनी या पढ़ी जाए. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ कथा श्रवण करने से ही व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है. ऐसे में पूजा के बाद आप यहां क्लिक कर एकादशी की व्रत कथा पढ़ सकते हैं- 

Feb 27, 2026 07:43 (IST)

आमलकी एकादशी शुभ योग और शुभ मुहूर्त

आज आमलकी एकादशी के दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनमें-

  • सुबह 10 बजकर 48 मिनट से अगले दिन 27 फरवरी की सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा. 
  • सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 48 मिनट तक रवि योग रहेगा. 

शुभ मुहूर्त की बात करें तो, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. 

Feb 27, 2026 07:13 (IST)

आमलकी एकादशी पूजा विधि 2026

  • आमलकी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें.
  • स्नान के बाद पीले या लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें और सभी देवी-देवताओं को स्नान कराएं.
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा/चित्र को साफ करें. अगर लड्डू गोपाल हों तो उन्हें स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं.
  • एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.
  • घी का दीपक जलाएं और पीले पुष्प अर्पित करें.
  • अक्षत, हल्दी और तुलसी दल अर्पित करें. तुलसी के बिना भोग अधूरा माना जाता है.
  • आंवले के वृक्ष की पूजा करें, जल चढ़ाएं और उसकी 7 बार परिक्रमा करें.
  • अगर आंवले का पेड़ उपलब्ध न हो तो आंवला फल चढ़ाकर मानसिक रूप से वृक्ष का ध्यान करें.
  • आमलकी एकादशी व्रत कथा का पाठ अवश्य करें.
  • अंत में भगवान विष्णु की आरती करें और प्रसाद वितरित करें.

पूजा सामग्री सूची 

  • आंवले का वृक्ष या आंवला फल
  • चौकी और पीला कपड़ा
  • विष्णु-लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र
  • दो दीपक (एक कलश हेतु, एक आरती हेतु)
  • जल से भरा कलश और लोटा
  • सुपारी, हल्दी, तिल
  • लौंग और इलायची
  • पीले पुष्प
  • आम या अशोक के पत्ते (कलश के लिए)
  • कलावा
  • कपूर और माचिस
  • सिंदूर (लक्ष्मी पूजन हेतु)
  • गुलाल (रंगभरी एकादशी के कारण)
  • फलाहार का भोग
  • तुलसी के पत्ते

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Feb 27, 2026 06:53 (IST)

आमलकी एकादशी और पारण का समय

पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 27 फरवरी को रात 12:33 बजे शुरू होकर उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी. ऐसे में यह व्रत आज यानी 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा. उदय तिथि के अनुसार इसी दिन व्रत मान्य रहेगा.

पारण का समय 

व्रत का पारण 28 फरवरी को सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे के बीच किया जाएगा.

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