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NEET स्कैम के बीच यूथ पार्लियामेंट का यह वीडियो क्यों हो रहा वायरल? “Modern-Day Eklavyas” वाली स्पीच ने फिर छेड़ दी बहस

NEET 2026 Cancellation : स्पीच में छात्रा नीट और जेईई जैसे एग्जाम्स में बढ़ते कॉम्पिटिशन पर भी सवाल उठा रही है. छात्रा का दावा है कि असली तनाव सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि लिमिटेड सीट्स और सिस्टम का प्रेशर है.

NEET स्कैम के बीच यूथ पार्लियामेंट का यह वीडियो क्यों हो रहा वायरल? “Modern-Day Eklavyas” वाली स्पीच ने फिर छेड़ दी बहस
NEET-UG 2026 पेपर लीक केस ने पूरे देश में फिर से परीक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है.

NEET 2026 Cancellation : देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है. CBI जांच, गिरफ्तारियां, कोचिंग नेटवर्क और लाखों छात्रों के भविष्य पर उठे सवालों के बीच अब सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो 2024 के राजस्थान के यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम का है, जिसमें एक छात्रा एजुकेशन सिस्टम और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स के गड़बड़झाले पर बेहद तीखी स्पीच देती नजर आ रही है. ‘मॉडर्न डे एकलव्य' नाम से वायरल हो रही इस स्पीच को मौजूदा नीट विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.

दरअसल, करीब दो साल पुरानी इस स्पीच में इस छात्रा ने जिन पाइंट्स को उठाया है, वो आज भी उतने ही रिलेवेंट जान पड़ रहे हैं. इसलिए ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. 

वीडियो में छात्रा महाभारत के “एकलव्य” का जिक्र करते हुए कहती है कि आज भी कई छात्र अपने सपनों की कुर्बानी देने को मजबूर हैं. लेकिन अब वजह गुरु-दक्षिणा नहीं, ऑर्गेनाइजेशनल करप्शन, बायस स्कीम्स, पेपर लीक्स और सिस्टम की गलत नीतियां हैं. स्पीच की यही लाइन अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा शेयर की जा रही है.

25 लाख स्टूडेंट्स और सिर्फ 50 हजार सीटें

स्पीच में छात्रा नीट और जेईई जैसे एग्जाम्स में बढ़ते कॉम्पिटिशन पर भी सवाल उठाती है. वह कहती है कि NEET में लाखों छात्र सिर्फ कुछ हजार सरकारी मेडिकल सीटों के लिए लड़ रहे हैं. छात्रा का दावा है कि असली तनाव सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि लिमिटेड सीट्स और सिस्टम का प्रेशर है. वह 2019 से 2021 के बीच बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स सुसाइड केस का भी जिक्र करती है और कहती है कि सरकार असली समस्या की बजाय सिर्फ गाइडलाइंस बनाकर जिम्मेदारी पूरी कर रही है.

स्पीच में छात्रा सरकार की कोचिंग गाइडलाइंस पर भी सवाल उठाती है. वह कहती है कि सरकार बार-बार यह मानती है कि कोचिंग सेंटर छात्रों पर दबाव बढ़ा रहे हैं, लेकिन असली तनाव की वजह सीमित सरकारी सीटें हैं. 

कोचिंग गाइडलाइन के खिलाफ है छात्रा का मत

छात्रा के मुताबिक, सरकार ने 16 साल से कम उम्र के छात्रों के प्राइवेट कोचिंग में दाखिले को लेकर जो गाइडलाइंस बनाई हैं, वे भी पूरी तरह प्रैक्टिकल नहीं हैं. छात्रा के मुताबिक UPSC, JEE और NEET जैसे एग्जाम्स की तैयारी एक दिन में नहीं होती, बल्कि इसके लिए मजबूत नींव और लंबे समय की तैयारी जरूरी होती है. छात्रा का कहना है कि ऐसे नियम कहीं न कहीं नई पीढ़ी से अवसर छीनने जैसे है.

दरअसल, NEET-UG 2026 पेपर लीक केस ने पूरे देश में फिर से परीक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है. CBI ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां की हैं और जांच अब कथित कोचिंग लिंक्स और NTA प्रोसेस तक पहुंच चुकी है. यही वजह है कि जैसे ही यह पुरानी यूथ पार्लियामेंट क्लिप दोबारा सामने आई, लोगों ने इसे सीधे मौजूदा कॉन्ट्रोवर्सी से जोड़ना शुरू कर दिया.

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