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आखिर कभी UPSC के पेपर लीक क्‍यों नहीं होते, किस तरह की व्‍यवस्‍थाएं होती हैं

देश में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा अपनी विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग पहचान बनाए हुए है.

आखिर कभी UPSC के पेपर लीक क्‍यों नहीं होते, किस तरह की व्‍यवस्‍थाएं होती हैं

देश में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा अपनी विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग पहचान बनाए हुए है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन आज तक UPSC के प्रश्नपत्र लीक होने का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है. इसके पीछे आयोग की बेहद सख्त और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. 

कैसे एग्‍जाम तैयार कराता है UPSC 

UPSC प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखता है. प्रश्नपत्र बनाने वाले विशेषज्ञों की पहचान सीमित लोगों को ही पता होती है. अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ प्रश्न तैयार करते हैं और पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर निगरानी में रखा जाता है. किसी एक व्यक्ति को पूरी जानकारी नहीं होती, जिससे गोपनीयता बनी रहती है. 

प्रश्नपत्रों की छपाई

प्रश्नपत्रों की छपाई भी अत्यंत सुरक्षित वातावरण में होती है. छपाई केंद्रों में प्रवेश और निकास पर कड़ी निगरानी रखी जाती है. कर्मचारियों के मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य संचार माध्यमों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है. कई जगहों पर सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जाती हैं ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके. 

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विशेष सीलबंद पैकेट

प्रिंटिंग के बाद प्रश्नपत्रों को विशेष सीलबंद पैकेटों में रखा जाता है. इन पैकेटों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित परिवहन प्रणाली अपनाई जाती है. पूरी प्रक्रिया में हर चरण का रिकॉर्ड रखा जाता है और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में सामग्री भेजी जाती है. यदि किसी पैकेट के साथ छेड़छाड़ होती है तो उसे तुरंत पहचाना जा सकता है. 

परीक्षा केंद्रों पर भी कड़े इंतजाम

परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं. प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खोले जाते हैं. केंद्र अधीक्षक और अन्य अधिकारी इस प्रक्रिया की निगरानी करते हैं. इससे परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र बाहर जाने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है. 

UPSC की विश्वसनीयता

UPSC की विश्वसनीयता का एक बड़ा कारण इसकी संस्थागत स्वायत्तता है. संविधान के तहत स्थापित यह आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और भर्ती परीक्षाओं के संचालन में उच्च मानकों का पालन करता है. यही वजह है कि UPSC को देश की सबसे भरोसेमंद परीक्षा एजेंसियों में गिना जाता है. 

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