NIPUN School Test: यूपी की चमक-धमक और विकास का चेहरा कहे जाने वाले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद जैसे जिलों को शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है. जिस नोएडा को हम हाई-टेक सिटी और ऊंची इमारतों के लिए जानते हैं, वही अब सरकारी स्कूलों की 'निपुण असेसमेंट परीक्षा' में बुरी तरह फेल होता नजर आ रहा है. हालत ये है कि प्रदेश की ओवरऑल रैंकिंग में ये जिला सीधे 70वें पायदान पर जा गिरा है. करोड़ों का बजट, स्मार्ट क्लास और लगातार ट्रेनिंग के बावजूद आए नतीजों ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सुविधाओं से लैस बिसरख जैसे ब्लॉक भी फिसड्डी साबित हुए हैं, जबकि कम संसाधनों वाले जिलों ने सबको पीछे छोड़ दिया है. आइए जानते हैं आखिर निपुण असेसमेंट क्या है और कहां क्या गड़बड़ी हुई.
निपुण असेसमेंट क्या है
निपुण असेसमेंट टेस्ट (NAT) बच्चों की बुनियादी पढ़ाई का ऐसा पैमाना है, जिस पर उनका पूरा भविष्य टिका होता है. साल 2021 में शुरू हुए 'निपुण भारत मिशन' का मकसद साफ है, क्लास 1 से 8 तक का हर बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से भाषा समझ सके और मैथ्स के बेसिक सवाल हल कर सके. सरकार ने 2026-27 तक इस लक्ष्य को हासिल करने का टारगेट रखा है, लेकिन ताजा रिपोर्ट ने इस मिशन की रफ्तार पर सवालिया निशान लगा दिया है. OMR शीट और 'परख ऐप' जैसी तकनीक से हुए इस मूल्यांकन ने ये भी साफ कर दिया कि स्मार्ट क्लास और असली पढ़ाई के बीच अभी भी बड़ा गैप मौजूद है.
नोएडा और गाजियाबाद का 'फ्लॉप शो'
गौतमबुद्ध नगर की स्थिति चौंकाने वाली है. यहां सिर्फ 29 परसेंट स्कूल ही निपुण मानकों पर खरे उतर पाए हैं. यानी जिले के ज्यादातर स्कूल इस परीक्षा में पीछे रह गए. सबसे खराब प्रदर्शन बिसरख और जेवर ब्लॉक का रहा, जहां सफलता दर महज 16 परसेंट रही. अगर दादरी और दनकौर जैसे ब्लॉकों ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन न किया होता, तो स्थिति और भी ज्यादा खराब दिखती. वहीं गाजियाबाद की हालत भी कुछ बेहतर नहीं है. पिछले साल जहां 223 स्कूल निपुण थे, वहीं इस बार ये संख्या घटकर सिर्फ 65 रह गई है. ये गिरावट साफ इशारा करती है कि सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है.
छोटे जिलों ने मारी बाजी
एक तरफ जहां बड़े और संसाधनों से भरपूर जिले संघर्ष कर रहे हैं, वहीं छोटे और कम संसाधनों वाले जिलों ने शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है. निपुण परीक्षा की टॉप-5 लिस्ट में अलीगढ़ ने पहला स्थान हासिल किया है. इसके अलावा कासगंज, महराजगंज, कौशांबी और संभल जैसे जिलों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नोएडा और गाजियाबाद को पीछे छोड़ दिया है. अब बेसिक शिक्षा विभाग इन नतीजों का विश्लेषण कर खामियों को सुधारने की बात कर रहा है, ताकि आने वाले समय में इन 'VIP' जिलों की साख दोबारा बनाई जा सके.
ये भी पढ़ें - कौन हैं मेनका गुरुस्वामी, जिनके राज्यसभा जाने पर सुप्रीम कोर्ट के जज भी ले रहे चुटकी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं