UPTET देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या इस बार करीब 19 लाख थी, जिनमें से 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी पास हुए. हालांकि इस दौरान करीब 60 हजार अभ्यर्थी ऐसे भी रहे, जिनका रिजल्ट ही जारी नहीं किया गया. OMR शीट में किसी न किसी तरह की गड़बड़ी के चलते इन उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी नहीं किया गया. ये सभी मामले ओएमआर रिजेक्शन से जुड़े हैं, ऐसे में अब ये हजारों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रयागराज में बड़ी संख्या में जुटे इन प्रदर्शनकारियों ने OMR रिजेक्शन के अलावा नॉर्मलाइजेश का मामला भी उठाया है.
क्या है OMR रिजेक्शन का मामला?
दरअसल ओएमआर रिजेक्शन का मामला कोई नया नहीं है. हर प्रतियोगी परीक्षा में ऐसे मामले सामने आते हैं. यूपी टीईटी में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में थी, ऐसे में उन उम्मीदवारों की संख्या भी ज्यादा है, ओएमआर रिजेक्शन के चलते जिनका रिजल्ट जारी नहीं हुआ. ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं.
- OMR में लिखे गए नियमों का पालन नहीं करने वालों की शीट रीड नहीं हो पाती है, जिसके चलते OMR रिजेक्ट हो जाता है.
- ओएमआर शीट में गलत पेन या पेंसिल का इस्तेमाल करने पर भी ऐसा होता है.
- जो लोग रोल नंबर या फिर दूसरे गोले अधूरे भरते हैं, उनका रिजल्ट भी रुक जाता है.
- ओएमआर शीट से किसी भी तरह की छेड़छाड़ भी इसका कारण हो सकता है.
- सिग्नेचर अगर बॉक्स में नहीं हैं तो इसके चलते भी ओएमआर रिजेक्शन हो सकता है.
- OMR शीट में किसी भी तरह की लिखावट या रफ वर्क के चलते भी मशीन इसे रीड नहीं कर पाती है.
अभ्यर्थी क्या मांग कर रहे हैं?
यूपी टीईटी देने वाले अभ्यर्थी अब आरोप लगा रहे हैं कि छोटी सी गलती के चलते भी रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया है. उनका कहना है कि आयोग उन्हें राहत देने से इनकार कर रहा है, जबकि दूसरी परीक्षाओं में ओएमआर में सुधार कर रिजल्ट जारी किया जाता है. अभ्यर्थियों का कहना है कि सिर्फ गोले गलत भरने या फिर किसी टेक्निकल गलती की वजह से उन्हें फेल करना गलत है.
नॉर्मलाइजेशन का मुद्दा
यूपी टीईटी रिजल्ट के बाद से ही नॉर्मलाइजेशन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. कई उम्मीदवारों का दावा है कि आंसर की से मैच करने पर उनके पासिंग मार्क्स पूरे हैं, लेकिन रिजल्ट में उन्हें दशमलव अंकों से फेल कर दिया गया है. इसके लिए नॉर्मलाइजेशन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा से नॉर्मलाइजेशन खत्म किया जाना चाहिए, अगर ऐसा होता है तो कई अभ्यर्थी खुद ही पास हो जाएंगे.
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