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UK के सबसे यंग मेयर तुषार कुमार कितने पढ़े-लिखे? 20 साल की उम्र में बने काउंसलर, अब रच दिया इतिहास

Tushar Kumar Education Qualification: 23 साल के तुषार कुमार ने UK में इतिहास रच दिया है. वे ब्रिटेन के सबसे युवा भारतीय मूल के मेयर बन गए हैं. जानिए उन्होंने कौन सी डिग्री ली है.

UK के सबसे यंग मेयर तुषार कुमार कितने पढ़े-लिखे? 20 साल की उम्र में बने काउंसलर, अब रच दिया इतिहास
Tushar Kumar Education Qualification: यूके के सबसे कम उम्र के मेयर बने तुषार

Tushar Kumar Education Qualification: ब्रिटेन (UK) में रहने वाले भारतीय मूल के 23 साल के तुषार कुमार इस समय खूब चर्चा में हैं. वजह भी बेहद खास है. तुषार यूनाइटेड किंगडम के इतिहास में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बन गए हैं. उन्हें हर्टफोर्डशायर के एल्स्ट्री एंड बोरहमवुड (Elstree & Borehamwood) का नया मेयर चुना गया है. 13 मई को हुए एक खास कार्यक्रम में उनके नाम का ऐलान हुआ. इतनी छोटी उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद वे यूके से लेकर भारत तक छाए हुए हैं. आइए जानते हैं तुषार कुमार कितने पढ़े-लिखे हैं और उन्होंने कहां से पढ़ाई की है.

तुषार कुमार कितने पढ़े-लिखे हैं 

तुषार कुमार ने दुनिया के सबसे मशहूर और टॉप कॉलेजों में से एक किंग्स कॉलेज लंदन (King's College London) से अपनी पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने यहां से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने जिस विषय की पढ़ाई की, उसी को अपना करियर भी बनाया. राजनीति की बारीकियों को कॉलेज में समझने के बाद उन्होंने बेहद कम उम्र में ही जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दिया था.

कॉलेज के दिनों से ही शुरू हो गया था सफर

जब आमतौर पर युवा कॉलेज की लाइफ एन्जॉय कर रहे होते हैं, तब महज 20 साल की उम्र में तुषार पहली बार काउंसलर (पार्षद) चुन लिए गए थे. उन्होंने इसकी शुरुआत एक आम वॉलिटियर के रूप में की थी. मेयर बनने से पहले तुषार कुमार यूके सरकार के 'डिपार्टमेंट फॉर वर्क एंड पेंशन्स' में पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर भी काम कर चुके हैं. इसके बाद वे शहर के डिप्टी मेयर बने और अब मेयर की सबसे बड़ी कुर्सी पर हैं.

बच्चों को फ्री में हिंदी भी सिखाते हैं

लंदन में रहने और वहां पले-बढ़े होने के बावजूद तुषार अपनी भारतीय संस्कृति को नहीं भूले हैं. वे ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के बच्चों के लिए मुफ्त में हिंदी भाषा की क्लासेस चलाते हैं, ताकि बच्चे अपनी मातृभाषा से जुड़े रहें. इसके अलावा वे भारतीय त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी काफी एक्टिव रहते हैं. बोरहैमवुड शहर में दिवाली, होली, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे बड़े त्योहारों को मनाने में सबसे आगे रहते हैं.

कामयाबी का क्रेडिट किसे दिया?

तुषार कुमार लेबर पार्टी के नेता हैं. उन्होंने अपनी इस कामयाबी का पूरा क्रेडिट अपनी मां परवीन रानी को दिया है. तुषार का कहना है कि उनकी मां ही राजनीति में आने और समाजसेवा करने के लिए उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं. खुद तुषार ने अपने इस सफर को 'सररियल' यानी एक सपने जैसा बताया है.

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