Parliamentary Panel Meeting : NEET परीक्षा में सुधार और री-नीट (Re-NEET) की समीक्षा को लेकर आज एक अहम संसदीय पैनल की बैठक हुई. NDTV को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में डॉक्टरों की पढ़ाई (MBBS), आयुष (AYUSH) और नर्सिंग कोर्स के लिए अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम कराने का सुझाव दिया गया, ताकि एक ही परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की भारी भीड़ को कम किया जा सके. हालांकि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस पर साफ कहा कि यह प्रैक्टिकल नहीं होगा, क्योंकि इन तीनों ही कोर्स में एडमिशन नीट स्कोर के आधार पर ही होते हैं.
संसदीय समिति ने एक और बड़ा सुझाव दिया. समिति का मानना है कि पूरे देश में एक ही दिन परीक्षा कराने से लॉजिस्टिक्स का बोझ बहुत बढ़ जाता है. इसलिए राज्यों में कई फेजेज में नीट आयोजित करने की संभावना तलाशी जानी चाहिए.
पेपर लीक रोकने के नए उपाय
बैठक में पैनल ने दोबारा कराई गई नीट परीक्षा के इंतजामों की तारीफ करते हुए इसे ''सुरक्षित और अच्छी तरह से प्रबंधित'' बताया. NTA ने सुरक्षा के नए उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए अब टेलीग्राम एक्सेस को सीमित किया जा रहा है, व्हाट्सएप चैनलों पर नजर रखी जा रही है और प्रश्न पत्र के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है.
कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम पर सावधानी
भविष्य में नीट को कंप्यूटर आधारित (Computer-Based) करने के सवाल पर समिति ने सावधानी बरतने को कहा. पैनल का मानना है कि ऐसा बदलाव तभी होना चाहिए जब पूरे देश में मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए.
इस बैठक में कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति के सामने NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन पेश हुए.
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