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जारी होने वाला है NEET-UG का रिजल्ट, कैसे मिलेगा मनचाहे कॉलेज में एडमिशन? ये रहा पूरा स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन NEET एग्जाम में आई रैंक के आधार पर मिलता है. NEET रिजल्ट के बाद काउंसलिंग, चॉइस फिलिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होती है. अगर इन चरणों को सही से पूरा नहीं किया जाए तो अच्छी रैंक होने के बावजूद पसंदीदा कॉलेज हाथ से निकल सकता है.

जारी होने वाला है NEET-UG का रिजल्ट, कैसे मिलेगा मनचाहे कॉलेज में एडमिशन? ये रहा पूरा स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
उम्मीद की जा रही है कि 20 जुलाई तक नीट-यूजी का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा.

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी NEET-UG री-एग्जाम का रिजल्ट जुलाई में जारी होने की उम्मीद है. 20 लाख उम्मीदवारों ने ये एग्जाम दिया है, जो अब अपने रिजल्ट के इंतजार में बैठे हैं. जो उम्मीदवार NEET-UG एग्जाम में अच्छा स्कोर हासिल करेंगे. वहीं देश के मेडिकल के टॉप कॉलेज में एडमिशन की रेस में भाग ले सकेंगे. रिजल्ट जारी होने के बाद दाखिले की प्रक्रिया कई चरणों में होती है. काउंसलिंग, चॉइस फिलिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और सीट अलॉटमेंट जैसे कई अहम चरण पूरे करने के बाद ही मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल पाता है.  NEET-UG का रिजल्ट आने के बाद कैसे आप मेडिकल के टॉप कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं, आइए इस प्रक्रिया को अच्छे से समझ लें. 

Step 1: अपनी रैंक चेक करें

मेडिकल के टॉप कॉलेज में दाखिला लेने के लिए आपकी रैंक अच्छी होनी चाहिए. इसलिए रिजल्ट जारी होते ही सबसे पहले अपना स्कोर और ऑल इंडिया रैंक (AIR) देखें. NTA की वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करें. आपका स्कोर क्या है, परसेंटाइल क्या निकल रहा है और ऑल इंडिया रैंक (AIR) क्या है, ये अच्छे से चेक कर लें. 

Step 2: कटऑफ

NEET-UG एग्जाम के रिजल्ट के साथ ही कटऑफ भी जारी की जाती है. अपनी कैटेगरी के अनुसार NEET कटऑफ जरूर देखें. अगर आप कटऑफ क्वालिफाई कर रहे हैं, तो  MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स की काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं. यानी आप काउंसलिंग का हिस्सा बन सकते हैं.

Step 3: काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 

काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होते ही, आप अप्लाई जरूर करें. काउंसलिंग के लिए समय पर रजिस्ट्रेशन करना होता है. काउंसलिंग के तहत आप कई कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं, जैसे AIQ (15%) काउंसलिंग, स्टेट कोटा (85%) काउंसलिंग,  डिम्ड और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग. जहां के लिए आप पात्र हों, वहां अलग-अलग रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लें.

Step 4: चॉइस फिलिंग

काउंसलिंग की प्रक्रिया में चॉइस फिलिंग सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. इस दौरान आप अपने विकल्प कॉलेज का चुनाव करते हैं. याद रखें कि जितने हो सके विकल्प भरें. ऐसे करने से सीट मिलने की संभावना और बढ़ जाती है. अगर आपकी रैंक अच्छी है तो जिस कॉलेज का आप चयन करेंगे, वो पक्का आपको मिल जाएगा.

Step 5: सीट अलॉटमेंट

काउंसलिंग के सारे राउंड पूरे होने के बाद सीट अलॉटमेंट होती है, जो कि मेरिट लिस्ट के आधार पर होती है. अगर आपको किसी कॉलेज की सीट अलॉटमेंट होती है, तो आपको उसे चुनने का ऑप्शन दिया जाता है. सीट स्वीकार करने के बाद आगे की प्रक्रिया होती है. जो कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग है.

Step 6: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान नीचे बताए गए डॉक्यूमेंट जमा करवाने होते हैं. ये डॉक्यूमेंट सीट मिलने के बाद संबंधित मेडिकल कॉलेज में जमा करवाने होते हैं-

  1. अपना NEET स्कोरकार्ड
  2. अपना एडमिट कार्ड
  3. 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
  4. पासपोर्ट साइज फोटो
  5. पहचान पत्र
  6. कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)

काउंसलिंग शुरू होने से पहले ऊपर बताए गए डॉक्यूमेंट को जरूर तैयार रखें. वहीं पहले राउंड में आपको मनचाहा कॉलेज नहीं मिलता है तो आप अगले राउंड में अपग्रेडेशन का विकल्प चुन सकते हैं. अपने लिए बेहतर कॉलेज चुन सकते हैं. हालांकि रैंक अच्छी होने पर ही अपग्रेडेशन का विकल्प चुने. 

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