मध्य प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में इन दिनों एक नाम काफी चर्चा में है. ये नाम है अवि प्रसाद. इस चर्चा की वजह कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या सरकारी योजना नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी की है और ये बात सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सरकारी गलियारों तक चर्चा शुरू हो गई. खास बात ये है कि उनकी पहली दो पत्नियां भी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में जिलों की कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं. उनकी तीसरी पत्नी भी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं.
ऐसी रही पर्सनल लाइफ
अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले हैं. उन्होंने 2013 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस सेवा जॉइन की थी, लेकिन दोबारा परीक्षा देकर 2014 में 13वीं रैंक हासिल की और आईएएस बने. तैयारी के दिनों में उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों ने शादी की, लेकिन कुछ साल बाद आपसी सहमति से अलग हो गए. रिजु बाफना इस समय शाजापुर की कलेक्टर हैं.
इसके बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से विवाह किया. मिशा सिंह ने बाद में मध्य प्रदेश कैडर ले लिया और फिलहाल रतलाम की कलेक्टर हैं. करीब चार साल साथ रहने के बाद ये रिश्ता भी खत्म हो गया. अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से शादी की है. 11 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में सादे समारोह में दोनों ने शादी की.
प्रशासनिक पहचान अलग
अवि प्रसाद केवल अपनी निजी जिंदगी की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं. वो फिलहाल मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ हैं. इससे पहले कई जिलों में कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था, जिसकी काफी तारीफ भी हुई थी. उनकी छवि एक सख्त और एक्टिव अफसर की है. वो फील्ड विजिट को काफी इफेक्टिव मानते हैं और फैसले लेने में देरी नहीं करते.
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