MBA in finance vs. marketing: आजकल छात्र MBA करने के बाद Specialisation कोर्स कर रहे हैं. दरअसल, MBA Specialisation करने के बाद अच्छी सैलरी वाली जॉब मिलना आसान हो जाता है. कंपनियां भी अब MBA Specialisation की डिमांंड करने लगी हैं. MBA के बाद जो Specialisation कोर्स सबसे ज्यादा कन्फ्यूज करते हैं, वे हैं MBA in finance और MBA in marketing. अक्सर छात्रों को समझ ही नहीं आता कि इन दोनों में से कौन सा कोर्स किया जाए.
MBA in finance vs. marketing
Finance और Marketing दोनों ही शानदार MBA Specialisations हैं. आपके लिए सही विकल्प वही हो सकता है, जिसमें आपकी रुचि और क्षमता ज्यादा हो. जैसे अगर आपको नंबर्स, डेटा, अकाउंट्स पसंद हैं तो Finance बेहतर है. अगर क्रिएटिविटी व कम्युनिकेशन अच्छा है तो Marketing का कोर्स आपका शानदार करियर बना सकता है.
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MBA in Finance क्या है
Finance के कोर्स में पैसे, निवेश, बैंकिंग, टैक्स, शेयर बाजार और फाइनेंशियल मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है. इस फील्ड में काम करने वाले लोग कंपनियों की आर्थिक रणनीति संभालते हैं. ये कोर्स उन छात्रों को करना चाहिए, जिनकी गणित में रुचि हो, डाटा और रिपोर्ट समझने की क्षमता हो, शेयर बाजार और बैंकिंग में दिलचस्पी रखते हों.
इस कोर्स को करने के बाद ये नौकरियां मिल सकती हैं- Financial Analyst, Investment Banker, Risk Manager, Chartered Financial Consultant, Corporate Finance Manager आदि.
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MBA in Marketing क्या है
Marketing में प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाने और ब्रांड बनाने की रणनीति सिखाई जाती है. डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के बढ़ते दौर में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी है. ये कोर्स उन छात्रों को करना चाहिए, जिनकी Communication Skills अच्छी हों, क्रिएटिव हों, लीडरशिप क्वालिटी हो, लोगों से जुड़ने की क्षमता हो और मार्केट ट्रेंड समझते हों.
इस कोर्स को करने के बाद ये नौकरियां मिल सकती हैं- Brand Manager, Digital Marketing Manager, Sales Manager, Market Research Analyst, Advertising Specialist आदि.
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