झारखंड एक्साइज कांस्टेबल प्रतियोगी परीक्षा (JECCE) 2023 में शामिल होने वाले कुल 159 उम्मीदवारों और 5 अन्य लोगों को पेपर लीक के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. इनकी गिरफ्तारी रविवार को की गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच मुख्य आरोपी एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने में शामिल है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि रांची के एसएसपी को सूचना मिली थी कि तमाड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत रड़गांव में एक इमारत में बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हुए हैं, जिसके बाद 159 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार किया गया.
10-15 लाख रुपये में बेच रहे थे पेपर
कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, ‘‘छात्रों को प्रश्न पत्रों के चार सेट दिए गए थे. जिनके बारे में दावा किया गया था कि ये जेईसीसी परीक्षा के प्रश्न हैं. उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्रों को जब्त कर लिया गया. हालांकि, वे आज की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से हू-ब-हू मेल नहीं खाते थे.'' जेएसएससी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी अभ्यर्थियों को गिरोह के एजेंट द्वारा 10-15 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी की दर से परीक्षा के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उस स्थान पर लाया गया था. इन अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गिरोह के सदस्यों को सौंप दिए थे. कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी जारी किए थे.''
मुख्य आरोपी ‘सॉल्वर पेपर लीक' गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है. बिहार के जहानाबाद निवासी व्यक्ति को राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा, नीट परीक्षा, बिहार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भर्ती परीक्षा और उत्तर प्रदेश समीक्षा एवं सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा सहित कई पेपर लीक मामलों में कथित तौर पर शामिल बताया जाता है. जेएसएससी के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जांच जारी है, जबकि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.''
ये भी पढ़ें- ओडिशा के 800 स्कूलों को बनाया जाएगा हाईटेक, स्मार्ट क्लासरूम से लेकर होंगी कई सुविधाएं
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं