Overseas Education: विदेश में पढ़ाई करने का सपना कई इंडियन स्टूडेंट्स का रहता आया है. लेकिन अब बदलती फाइनेंशियल कंडिशन और वीजा से जुड़े नियम और शर्तें इस सपने पर असर डाल रहे हैं. हाल ही में जारी IDP की रिपोर्ट ‘Emerging Futures' के मुताबिक बड़ी संख्या में भारतीय छात्र अब विदेश में पढ़ाई को लेकर पहले से ज्यादा सोच-समझकर फैसला ले रहे हैं. रिपोर्ट बताती है कि कई स्टूडेंट बढ़ती फीस और रहने के खर्च के कारण फॉरन एजुकेशन के सपने से तौबा कर रहे हैं. कुछ स्टूडेंट जो फॉरेन स्टडीज में बहुत ज्यादा इंट्रेस्टेड हैं वो ऐसे देशों को चुन रहे हैं जहां बेहतर करियर ऑपरच्यूनिटीज, ईजी वीजा प्रोसेस और पढ़ाई के बाद नौकरी की संभावनाएं मौजूद हों.
43% छात्रों ने फीस को बताया सबसे बड़ी बाधा
रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में पढ़ाई का इरादा छोड़ने वाले 43% इंडियन स्टूडेंट्स ने कहा कि ट्यूशन फीस उनकी पहुंच से बाहर हो चुकी है. वहीं 32% छात्रों ने रहने-खाने के खर्च में इजाफे को बड़ी वजह बताया. इसके अलावा 28% छात्रों का मानना है कि छात्र वीजा हासिल करना पहले के कंपेरिजन में ज्यादा मुश्किल हो गया है. ग्लोबल लेवल पर भी यही तस्वीर देखने को मिली. दुनियाभर में 50% छात्रों ने महंगी फीस और 35% ने बढ़ती डेली एक्सपेंसेस बढ़ने के कारण विदेश में पढ़ाई के फैसले को बदलने में ही भलाई समझी है.
करियर रिजल्ट पर सबसे ज्यादा फोकस
इंडियन स्टूडेंट अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि उसके बाद मिलने वाली करियर ऑपरच्यूनिटी को भी अहम मान रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 41% भारतीय छात्रों ने कहा कि विदेश में पढ़ाई का सबसे बड़ा फायदा बेहतर करियर और नौकरी के अवसर हैं. 31% छात्रों ने क्वालिटी एजुकेशन और 27% ने इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स सीखने को ज्यादा बेहतर बताया.
कौन से कोर्स हैं सबसे ज्यादा पसंद?
रिपोर्ट के अनुसार, बिजनेस और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े कोर्स सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. 24% छात्रों ने इन्हें अपनी पहली पसंद बताया. इसके बाद इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी (20%), हेल्थ और मेडिसिन (18%), कंप्यूटर और मैथेमेटिकल साइंसेज (15%) का स्थान रहा.
भारतीय छात्रों की पहली पसंद बने ये देश
विदेशी शिक्षा के लिए कुछ देशों का दबदबा अब भी कायम है. ऑस्ट्रेलिया इंडियन स्टूडेंट्स की पहली पसंद बनकर उभरा है. जहां 41% छात्रों ने पढ़ाई करने की इच्छा जताई. इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका भी सबसे पसंदीदा ऑप्शन बने हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन को बेहतर क्वालिटी एजुकेशन, ऑस्ट्रेलिया को बढ़िया करियर ऑपरच्यूनिटी, कनाडा को पढ़ाई के साथ काम के अवसर और अमेरिका को नेटवर्किंग और करियर कनेक्शन के लिए पसंद किया जा रहा है.
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