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गर्मियों की छुट्टियों को ना करें बर्बाद, जानें बच्‍चे को कर्सिव राइटिंग सिखाने के तरीके

Cursive writing: आजकल बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर बीतता है. होमवर्क ना मिले तो बच्‍चे लिखने में बहुत आनाकानी करते हैं. इसलिए बचपन से उन्‍हें लिखने की आदत सिखाने का बहुत फायदा होता है.

गर्मियों की छुट्टियों को ना करें बर्बाद, जानें बच्‍चे को कर्सिव राइटिंग सिखाने के तरीके

Cursive writing: आजकल बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर बीतता है. होमवर्क ना मिले तो बच्‍चे लिखने में बहुत आनाकानी करते हैं. इसलिए बचपन से उन्‍हें लिखने की आदत सिखाने का बहुत फायदा होता है. जब बच्‍चों को राइटिंग सिखाएं तो उन्‍हें कर्सिव राइटिंग सिखाने से उनके मानसिक विकास और पढ़ाई के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है. अच्छी हैंडराइटिंग बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ाती है. 

कर्सिव राइटिंग के फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार कर्सिव राइटिंग से बच्चों की याददाश्त, ध्यान लगाने की क्षमता और हाथों की पकड़ बेहतर होती है. यह दिमाग और हाथ के बीच तालमेल को मजबूत बनाती है. साथ ही, सुंदर लिखावट परीक्षा में अच्छे प्रभाव डालने में भी मदद करती है. 

बच्‍चे को ऐसे सिखाएं कर्सिव राइटिंग 

पेन या पेंसिल की सही पकड़ सिखाएं

कर्सिव राइटिंग सीखने से पहले बच्चे को पेंसिल या पेन सही तरीके से पकड़ना सिखाना जरूरी है. अगर पकड़ गलत होगी, तो लिखावट बिगड़ सकती है और बच्चे का हाथ जल्दी थक सकता है. 

छोटे अक्षरों से शुरुआत करें

एक साथ पूरी कर्सिव राइटिंग सिखाने की बजाय छोटे अक्षरों से शुरुआत करें. पहले a, c, e, l जैसे आसान अक्षर लिखना सिखाएं. जब बच्चा इन अक्षरों में सहज हो जाए, तब धीरे-धीरे बाकी अक्षर जोड़ें. 

ट्रेसिंग से कराएं प्रैक्टिस

कर्सिव राइटिंग सीखने का सबसे आसान तरीका ट्रेसिंग माना जाता है. शुरुआत में डॉटेड लाइनों वाले अक्षर दें और बच्चे से उन्हें ट्रेस करवाएं. इससे हाथ की मूवमेंट बेहतर होती है और अक्षरों का सही आकार समझ में आता है. 

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रोज अभ्यास कराएं

कर्सिव राइटिंग एक दिन में नहीं सीखी जा सकती. रोजाना 15-20 मिनट का अभ्यास बच्चे की लिखावट में बड़ा बदलाव ला सकता है. कोशिश करें कि बच्चा नियमित रूप से लिखे, लेकिन उस पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें. 

मजेदार एक्टिविटी शामिल करें

अगर सीखने की प्रक्रिया मजेदार होगी, तो बच्चा जल्दी सीखेगा. रंगीन पेन, सुंदर वर्कशीट और गेम्स की मदद लें. बच्चे से उसका नाम, पसंदीदा शब्द या छोटी कहानियां कर्सिव में लिखवाएं. इससे उसकी रुचि बनी रहेगी. 

सही लाइनिंग वाली कॉपी 

कर्सिव राइटिंग के लिए चार लाइन वाली कॉपी काफी मददगार होती है. इससे बच्चे को अक्षरों की ऊंचाई और दूरी समझने में आसानी होती है. शुरुआत में बड़ी लाइनिंग वाली कॉपी चुनें ताकि बच्चा आराम से लिख सके. 

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