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बच्चे का एडमिशन कराने से पहले CBSE और State Board के ये 4 बड़े अंतर लीजिए जान, सेलेक्शन करना होगा आसान

NCERT vs State Board syllabus : क्या स्टेट बोर्ड CBSE से आसान है? जानें सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और करियर के लिहाज से कौन सा बोर्ड है आपके बच्चे के लिए बेस्ट.

बच्चे का एडमिशन कराने से पहले CBSE और State Board के ये 4 बड़े अंतर लीजिए जान, सेलेक्शन करना होगा आसान
अगर आपके माता-पिता की नौकरी ऐसी है जिसमें बार-बार शहर बदलना पड़ता है, तो CBSE आपके लिए वरदान है.

Best Board For Education : भारत में जब बच्चा बड़ा होता है, तो माता-पिता के सामने सबसे बड़ा सवाल स्कूल को लेकर नहीं, बल्कि किस 'बोर्ड' से पढ़ाना उसके भविष्य के लिए बेस्ट है, ये रहता है. बहस हमेशा यही रहती है कि CBSE (सेंट्रल बोर्ड) बेहतर है या State Board (राज्य बोर्ड)? अक्सर लोग कहते हैं कि स्टेट बोर्ड आसान है, लेकिन क्या वाकई ऐसा है? ऐसे में आइए समझते हैं इन दोनों में 4 बड़े अंतर और आपके बच्चे के भविष्य के लिए कौन सा रास्ता सही है.

सीबीएसई और स्टेट बोर्ड में अंतर

1. पाठ्यक्रम का अंतर

CBSE का सिलेबस NCERT पर आधारित होता है. इसका मुख्य फोकस कॉन्सेप्ट को समझने और उसे लागू करने (Application-based learning) पर होता है. वहीं, स्टेट बोर्ड का सिलेबस उस राज्य की संस्कृति, भाषा और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है.

सच्चाई

CBSE थोड़ा कठिन लग सकता है क्योंकि यह रटने के बजाय समझने पर जोर देता है. स्टेट बोर्ड उन छात्रों के लिए आसान हो सकता है जो अपनी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करना पसंद करते हैं.

2. परीक्षा और मार्किंग: कहां मिलते हैं ज्यादा नंबर?

CBSE के पेपर में अक्सर सीधे सवाल नहीं पूछे जाते, यहां लॉजिकल रीजनिंग और केस स्टडीज का बोलबाला होता है. इसके उलट, स्टेट बोर्ड के एग्जाम में सवाल ज्यादातर किताबों के पीछे दिए गए अभ्यासों से ही आते हैं.

नतीजा

स्टेट बोर्ड में 'रट्टा मार' पद्धति से भी अच्छे अंक लाए जा सकते हैं, जबकि CBSE में बिना गहराई से समझे स्कोर करना मुश्किल होता है. इसलिए, परीक्षा के लिहाज से स्टेट बोर्ड को अक्सर आसान माना जाता है.

3. कॉम्पिटिटिव एग्जाम का खेल 

अगर आपका सपना डॉक्टर या इंजीनियर बनना है, तो यहां पासा पलट जाता है. देश की बड़ी परीक्षाएं जैसे JEE और NEET पूरी तरह से NCERT (CBSE) के सिलेबस पर आधारित होती हैं.

चुनौती

स्टेट बोर्ड के छात्रों को इन परीक्षाओं के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है, जबकि CBSE के छात्र स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ आधी तैयारी कर चुके होते हैं. यहां CBSE कठिन होते हुए भी भविष्य को आसान बना देता है.

4. ट्रांसफर और ग्लोबल पहचान

अगर आपके माता-पिता की नौकरी ऐसी है जिसमें बार-बार शहर बदलना पड़ता है, तो CBSE आपके लिए वरदान है. पूरे देश में एक जैसा सिलेबस होने के कारण पढ़ाई का नुकसान नहीं होता. स्टेट बोर्ड के साथ एक राज्य से दूसरे राज्य जाना काफी चैलेंजिग हो सकता है.

क्या करें
  • "आसान" और "कठिन" का फैसला आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है.
  • अगर आप स्थानीय सरकारी नौकरियों या राज्य स्तर की परीक्षाओं पर फोकस करना चाहते हैं, तो State Board एक बेहतरीन और सरल विकल्प है.
  • अगर आप नेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं या विदेश जाना चाहते हैं, तो CBSE ज्यादा फायदेमंद है.

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