CBSE Re-Evaluation 2026: सीबीएसई क्लास 12th बोर्ड में इस बार पहली बार OSM यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से कॉपियां चेक की गईं, लेकिन रिजल्ट आते ही कई स्टूडेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा. सोशल मीडिया पर छात्रों ने कम नंबर मिलने को लेकर विरोध जताया और दावा किया कि अच्छे पेपर के बावजूद उम्मीद से कम अंक मिले हैं. बढ़ते विवाद के बाद अब सीबीएसई ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन यानी रिचेकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है. बोर्ड के मुताबिक 11 लाख से ज्यादा स्कैन कॉपियों की मांग की गई है. कुल 18 लाख स्टूडेंट्स में से करीब 4 लाख बच्चों ने अपनी डिजिटल कॉपी डाउनलोड की है. ऐसे में अब बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स दोबारा जांच के लिए पोर्टल पर पहुंच रहे हैं.
री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू
सीबीएसई बोर्ड ने 2026 परीक्षा के लिए कॉपी वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जो छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके तहत छात्र स्कैन की गई आंसर शीट देख सकते हैं, नंबरों का वेरिफिकेशन करा सकते हैं और री-इवैल्यूएशन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं.
कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन?
स्कैन की गई आंसर शीट के लिए आवेदन 19 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई 2026 तक चलेगा. वहीं, मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन विंडो 26 मई से 29 मई 2026 तक खुली रहेगी. स्टूडेंट पर तय समय सीमा के अंदर अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों को मार्किंग पोर्टल https://pvr.cbseit.in/ पर जाना होगा.

चलिए अब आपको बताते हैं कि क्या है पूरा स्टेप बाय स्टेप तरीका
स्टेप 1. पहले स्कैन कॉपी के लिए अप्लाई होना जरूरी
सीबीएसई के मुताबिक सिर्फ वही स्टूडेंट्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं जिन्होंने पहले अपनी कॉपी की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था.
स्टेप 2. पोर्टल पर लॉगिन करें
स्टूडेंट्स को सीबीएसई के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की मदद से लॉगिन करना होगा.
स्टेप 3. वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन ऑप्शन चुनें
लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में 'वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन' का विकल्प दिखाई देगा. स्टूडेंट्स को इसी सेक्शन पर क्लिक करना होगा.
स्टेप 4. आवेदन का प्रकार चुने
अब स्टूडेंट्स को अपनी जरूरत के हिसाब से आवेदन का प्रकार चुनना होगा.
- सिर्फ वेरिफिकेशन
- सिर्फ री-इवैल्यूएशन
- वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन दोनों
सीबीएसई ने साफ कहा है कि आवेदन सिर्फ एक बार ही किया जा सकेगा. फाइनल सबमिट के बाद बदलाव की अनुमति नहीं होगी.
स्टेप 5. सब्जेक्ट और सवाल नंबर भरें
अगर स्टूडेंट सिर्फ वेरिफिकेशन चुनते हैं तो उन्हें संबंधित विषय चुनना होगा. वहीं री-इवैल्यूएशन के लिए उन सवालों के नंबर चुनने होंगे जिनकी दोबारा जांच करवानी है.
स्टेप 6. जरूरी जानकारी भरें
इसके बाद स्क्रीन पर एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें स्टूडेंट्स को अपनी जानकारी भरनी होगी. सभी डिटेल ध्यान से भरना जरूरी है.
स्टेप 7. ऑनलाइन फीस जमा करें
सारी जानकारी भरने के बाद ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी. पेमेंट यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे माध्यमों से किया जा सकेगा.
स्टेप 8. आवेदन सबमिट करें
पेमेंट पूरा होने के बाद आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा. इसके बाद स्टूडेंट्स को एक अप्लिकेशन नंबर मिलेगा.
स्टेप 9. आवेदन का स्टेटस चेक करें
स्टूडेंट्स पोर्टल पर लॉगिन करके कभी भी अपने आवेदन का स्टेटस चेक कर सकते हैं. यहां सबमिट, पेमेंट पूरा, प्रोसेसिंग और कंप्लीट जैसे अपडेट दिखाई देंगे.
आखिर क्या है पूरा विवाद
दरअसल इस साल सीबीएसई ने पहली बार बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया. इसमें करीब 98 लाख आंसर शीट स्कैन की गईं और डिजिटल तरीके से जांच हुई. कई स्टूडेंट्स का आरोप है कि जल्दबाजी में जांच होने की वजह से नंबर कम आए हैं. कुछ स्टूडेंट्स ने यह भी दावा किया कि जेईई मेन में अच्छे नंबर आने के बावजूद बोर्ड परीक्षा में उम्मीद से कम अंक मिले. हालांकि सीबीएसई ने सफाई दी है कि जहां स्कैनिंग में दिक्कत आई, वहां मैन्युअल जांच भी की गई.
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