विज्ञापन

हिंदी-अंग्रेजी या संस्कृत से की है PhD? टीचिंग के अलावा इन सेक्टर्स में खुलते हैं करियर के शानदार रास्ते

भाषा में PhD करने के बाद करियर सिर्फ टीचर या प्रोफेसर बनने तक सीमित नहीं रहता. राजभाषा अधिकारी, ट्रांसलेटर, इंटरप्रेटर, डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट, कॉर्पोरेट ट्रेनर और रिसर्चर जैसी कई शानदार नौकरियां आपका इंतजार कर रही हैं.

हिंदी-अंग्रेजी या संस्कृत से की है PhD? टीचिंग के अलावा इन सेक्टर्स में खुलते हैं करियर के शानदार रास्ते
बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), आईटी फर्मों और पब्लिकेशन हाउस को हमेशा अच्छे ट्रांसलेटर्स (Translators) की जरूरत होती है.

Language Experts Career Option : जब भी भाषा में पीएचडी (PhD), जैसे- जैसे हिंदी, अंग्रेजी या संस्कृत  करने की बात आती है, तो अधिकांश लोगों के दिमाग में पहला विचार स्कूल-कॉलेज में टीचर या प्रोफेसर बनने का ही आता है. लेकिन आज के डिजिटल और ग्लोबल दौर में यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है. अगर आपने हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत या किसी और विदेशी भाषा में पीएचडी की डिग्री हासिल की है, तो आपके पास केवल टीचर या फिर प्रोफेसर बनने का ही ऑप्शन नहीं है. आपको बता दें कि कॉरपोरेट से लेकर सरकारी और एंबेसी तक करियर की कई शानदार रास्ते खुलते हैं. हम जिन जॉब्स के बारे में आपको आगे आर्टिकल में बताने जा रहे हैं वहां पर भी बाकी नौकरियों की तरह अच्छा सैलरी पैकेज और जॉब सिक्योरिटी मिलती है. 

तो आइए जानते हैं कि टीचिंग के अलावा आप किन सेक्टर्स में अपना बेहतरीन करियर बना सकते हैं..

 राजभाषा अधिकारी 

केंद्र सरकार के मंत्रालयों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, रेलवे और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में हिंदी अधिकारियों या राजभाषा अधिकारियों (Official Language Officer) की नियमित नियुक्तियां होती हैं. यहां आपका मुख्य काम प्रशासनिक स्तर पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और अनुवाद कार्यों की देखरेख करना होता है. इसके लिए हर साल एसएससी (SSC) और आईबीपीएस (IBPS) जैसी संस्थाएं विशेष परीक्षाएं आयोजित करती हैं.

ट्रांसलेटर और इंटरप्रेटर 

बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), आईटी फर्मों और पब्लिकेशन हाउस को हमेशा अच्छे ट्रांसलेटर्स (Translators) की जरूरत होती है. अगर आपकी दो भाषाओं पर मजबूत पकड़ है, तो आप सरकारी दस्तावेजों, कानूनी कागजातों, किताबों और सॉफ्टवेयर के लोकलाइजेशन (Localization) का काम कर सकते हैं. 

इसके अलावा,डिप्लोमेट्स और कॉरपोरेट मीटिंग्स के लिए इंटरप्रेटर  के रूप में काम कर लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है.

डिजिटल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन 

बड़े मीडिया नेटवर्क, समाचार पोर्टल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट, सीनियर सब-एडिटर, और कंटेंट राइटर्स की जरूरत होती है. पीएचडी के दौरान की गई रिसर्च और भाषा की गहरी समझ यहां आपको दूसरों से बहुत आगे खड़ा करती है.

कॉर्पोरेट ट्रेनिंग और सॉफ्ट स्किल्स कोच

कई ग्लोबल कंपनियां अपने एंप्लॉय की कम्यूनिकेशन (Communication Skills) को बेहतर बनाने के लिए लैंग्वेज एक्सपर्ट को हायर करती हैं. आप कॉर्पोरेट ट्रेनर बनकर कॉर्पोरेट जगत के प्रोफेशनल्स को बिजनेस राइटिंग और लैंग्वेज की बारिकियां सिखा सकते हैं.

रिसर्च और अर्काइव्स

संस्कृत जैसी समृद्ध ऐतिहासिक भाषाओं में पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives), संग्रहालयों और सांस्कृतिक मंत्रालयों में रिसर्च एसोसिएट और पुरालेखपाल (Archivist) के रूप में काम करने के अद्भुत अवसर उपलब्ध हैं.

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश पुलिस में 1000 ड्राइवरों की बंपर भर्ती, 10वीं पास करें अप्लाई, जानें पूरी प्रोसेस

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com