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नो इंस्टाग्राम, सिर्फ फोकस! सूरत के प्रेम अग्रवाल ने सोशल मीडिया से दूरी बना CA इंटर में हासिल की AIR-3

सूरत के प्रेम अग्रवाल ने कठिन सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में देशभर में तीसरा (AIR 3) और गुजरात में पहला स्थान हासिल किया है. इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया से कोसों दूर रहने वाले प्रेम ने रोजाना 8-10 घंटे पढ़ाई कर 81.67% स्कोर किया.

नो इंस्टाग्राम, सिर्फ फोकस! सूरत के प्रेम अग्रवाल ने सोशल मीडिया से दूरी बना CA इंटर में हासिल की AIR-3
प्रेम की सफलता पर उनके शिक्षक CA आदित्य छावछरिया भी गर्व महसूस कर रहे हैं.

CA Inter Topper Success Story Prem Agarwal : कहते हैं कि जब मेहनत सही दिशा में हो और परिवार का साथ मिले, तो सफलता की राह आसान हो जाती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सूरत के प्रेम अग्रवाल ने. CA इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रेम ने पूरे देश में तीसरी रैंक हासिल कर सूरत का नाम रोशन किया है. इतना ही नहीं, प्रेम ने गुजरात में पहला स्थान भी हासिल किया है. 600 में से 490 अंक और 81.67 प्रतिशत के साथ मिली इस सफलता के पीछे महीनों की मेहनत, नियमित पढ़ाई और परिवार व शिक्षकों का सहयोग रहा है.

CA जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में देश के टॉप तीन विद्यार्थियों में जगह बनाना आसान नहीं है. लेकिन सूरत के प्रेम अग्रवाल ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है. सितंबर 2026 में हुई CA इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणाम में प्रेम ने ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की. 600 में से 490 अंक हासिल कर प्रेम ने 81.67 प्रतिशत स्कोर किया है. गुजरात में प्रेम पहले स्थान पर रहे हैं.

प्रेम की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है. उनकी मां निधि अग्रवाल के मुताबिक, बेटे की सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है. उन्हें उम्मीद थी कि प्रेम अच्छा करेगा, लेकिन देश में तीसरी रैंक आएगी, इसका अंदाजा नहीं था. प्रेम की इस सफलता के पीछे आखिरी छह से सात महीने की लगातार मेहनत रही.

8 से 10 घंटे की पढ़ाई करते थे

प्रेम बताते हैं कि उन्होंने इस दौरान रोजाना आठ से दस घंटे तक नियमित पढ़ाई की. पढ़ाई के साथ-साथ रिवीजन और टेस्ट पर भी खास ध्यान दिया. उनका मानना था कि जितनी बार रिवीजन करेंगे, विषय उतना ही मजबूत होगा.

प्रेम ने बताया कि कई बार पढ़ाई के दौरान मन में यह सवाल भी आता था कि इतनी मेहनत का परिणाम मिलेगा या नहीं. ऐसे समय में शिक्षकों का मार्गदर्शन काम आया. शिक्षकों ने लगातार आगे बढ़ते रहने और रिवीजन जारी रखने की सलाह दी, जिसे उन्होंने अपनी तैयारी का हिस्सा बनाया. प्रेम की सफलता में परिवार का सहयोग भी अहम रहा. प्रेम के पिता नौकरी करते हैं, जबकि उनकी मां स्कूल में शिक्षिका हैं. परिवार ने पढ़ाई के दौरान उन पर किसी खास रैंक या ज्यादा अंक लाने का दबाव नहीं बनाया. मां निधि अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने हमेशा बेटे से यही कहा कि अपना सौ प्रतिशत दो, परिणाम अच्छा ही होगा. 

अंकों को लेकर दबाव न बनाएं

निधि अग्रवाल दूसरे अभिभावकों से भी अपील करती हैं कि बच्चों पर परीक्षा और अंकों का जरूरत से ज्यादा दबाव न बनाएं. एक परीक्षा किसी बच्चे की पूरी जिंदगी तय नहीं करती. असफलता मिलने पर बच्चों को डांटने के बजाय उनका हौसला बढ़ाना चाहिए, क्योंकि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से वे दोबारा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

आज के दौर में जहां सोशल मीडिया युवाओं का काफी समय लेता है, वहीं प्रेम ने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी. प्रेम बताते हैं कि उनका इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई अकाउंट नहीं है. मोबाइल का इस्तेमाल भी वह जरूरत के हिसाब से करते हैं. यूट्यूब का उपयोग पढ़ाई के लिए, जबकि व्हाट्सऐप का इस्तेमाल दोस्तों से विषय संबंधी सवाल पूछने और शिक्षकों से संपर्क करने के लिए करते थे.

प्रेम का कहना है कि CA की तैयारी के दौरान अच्छे दोस्तों का साथ भी जरूरी है. ऐसे दोस्त होने चाहिए, जिनसे पढ़ाई के सवालों पर चर्चा की जा सके और मुश्किल समय में अपनी परेशानी साझा की जा सके. उनका मानना है कि दोस्तों का छोटा लेकिन अच्छा समूह तैयारी में मददगार साबित होता है.

गणित रहा शुरू से पसंदीदा सब्जेक्ट

प्रेम को CA बनने की प्रेरणा परिवार के दबाव से नहीं, बल्कि अपनी रुचि से मिली. 11वीं-12वीं कक्षा से ही उनका रुझान इसी क्षेत्र की ओर था. गणित उनका पसंदीदा विषय है और उन्होंने पहले से ही CA की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर लिया था.प्रेम की सफलता पर उनके शिक्षक CA आदित्य छावछरिया भी गर्व महसूस कर रहे हैं. उनके मुताबिक, प्रेम सहित दूसरे विद्यार्थियों ने फाउंडेशन परीक्षा के बाद परिणाम का इंतजार किए बिना अपनी आगे की पढ़ाई शुरू कर दी थी. शुरुआती छह से सात महीनों में ही पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया गया था. इसके बाद विद्यार्थियों ने नियमित रूप से टेस्ट दिए और अपनी तैयारी को मजबूत किया.

CA आदित्य छावछरिया का कहना है कि अच्छे परिणाम के लिए विद्यार्थी की मेहनत के साथ शिक्षकों का सही मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास भी जरूरी है.प्रेम ने उन विद्यार्थियों के लिए भी संदेश दिया है, जो परीक्षा में असफल होने पर निराश हो जाते हैं. उनका कहना है कि एक परीक्षा पूरी जिंदगी तय नहीं करती. इसलिए असफलता से घबराने के बजाय आगे बढ़ते रहना चाहिए और अपनी गलतियों से सीखकर दोबारा प्रयास करना चाहिए.

सूरत के प्रेम अग्रवाल की यह सफलता उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो अपने करियर में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहते हैं. नियमित पढ़ाई, खुद पर भरोसा, शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग इन सबके साथ प्रेम ने CA इंटरमीडिएट में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है. अब उनकी नजर CA बनने के अगले पड़ाव पर है.

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