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Study Abroad : JEE और NEET नहीं कर पाए क्रैक? ये 5 देश दे रहे हैं बिना किसी परीक्षा के डायरेक्ट एडमिशन!

JEE/NEET Fail Options : सफलता का रास्ता सिर्फ एक परीक्षा से होकर नहीं गुजरता. अगर आप नई राहें तलाशने के लिए तैयार हैं, तो विदेश में पढ़ाई करके अपने करियर को नई उड़ान दे सकते हैं.

Study Abroad : JEE और NEET नहीं कर पाए क्रैक? ये 5 देश दे रहे हैं बिना किसी परीक्षा के डायरेक्ट एडमिशन!
अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं और NEET का स्कोर कम रह गया है, तो जॉर्जिया (Georgia), बुल्गारिया, आर्मेनिया और कजाकिस्तान जैसे देश आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं.

Study Abroad Alternatives : हर साल इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले लाखों छात्र JEE और NEET जैसी नेशनल लेवल परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन मेरिट लिस्ट में नाम हर किसी का नहीं आता है. ऐसे में बहुत से छात्र हताश और निराश हो जाते हैं या एक साल ड्रॉप करने का फैसला लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2026 में भारतीय छात्रों के लिए विदेशों में पढ़ाई करना (Study Abroad) बेस्ट ऑप्शन बनकर उभरा है. अब बिना साल बर्बाद किए आप ग्लोबल एक्सपोजर के साथ डॉक्टर और इंजीनियर बन सकते हैं. तो आइए जानते हैं उन देशों के नाम जहां आप कम खर्च में अपनी पढ़ाई पूरी करके अपने सपनों को उड़ान भर सकता है. 

1. बिना NEET के भी बन सकते हैं डॉक्टर

अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं और NEET का स्कोर कम रह गया है, तो जॉर्जिया (Georgia), बुल्गारिया, आर्मेनिया और कजाकिस्तान जैसे देश आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं. यहां MBBS की पढ़ाई के लिए आपको डोनेशन नहीं देना पड़ता और ट्यूशन फीस भी सालाना 3 लाख से शुरू होती है. ये डिग्रियां भारत और दुनिया भर में वैलिड हैं.

2. इंजीनियरिंग और IT के लिए जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया

वहीं, अगर आप JEE में अच्छी रैंक नहीं आई तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.  जर्मनी की पब्लिक यूनिवर्सिटीज जीरो या बहुत कम फीस पर वर्ल्ड क्लास इंजीनियरिंग कराती हैं. वहीं, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और AI जैसे मॉडर्न कोर्सेज के लिए ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया बेहतरीन हब हैं. आप इस क्षेत्र में भी करियर बना सकते हैं. 

3. हेल्थकेयर और मैनेजमेंट में है बेस्ट करियर ऑप्शन

मेडिसिन के अलावा फिजियोथेरेपी, बायोमेडिकल साइंस और नर्सिंग जैसे कोर्सेज की यूके (UK) और न्यूजीलैंड में हाई डिमांड है. ये कोर्सेज न केवल आपको अच्छी सैलरी दिलाते हैं, बल्कि इन देशों में पर्मानेंट रेजिडेंसी Permanent Residency) मिलने की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं.

आखिर...विदेश में पढ़ाई क्यों है बेहतर?

सबसे पहला कारण- यहां थ्योरी से ज्यादा इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स पर जोर दिया जाता है. 

दूसरा बड़ा कारण कई देशों में पढ़ाई का खर्च 2.85 लाख सालाना से शुरू होता है, जो भारत के प्राइवेट कॉलेजों से भी कम है.

वहीं तीसरा बड़ा कारण, इंटरनेशनल डिग्री आपको ग्लोबल जॉब मार्केट के लिए तैयार करती है. 

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सुभाषिनी त्रिपाठी
Senior sub editor
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