- दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई है.
- नई कीमत के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है.
- एलपीजी सिलेंडर की कीमत में यह बदलाव 7 मार्च, 2026 से प्रभावी होगा.
घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर के दाम आज से बढ़ गए हैं. लोगों की रसोई के बजट पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इस बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में घरेलू सिलेंडर के दाम 853 रुपये से बढ़कर अब 913 रुपये हो गए हैं. गैस की कीमतों में हुई यह वृद्धि 1 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गई हैं. देश के अलग-अलग राज्यों में भी लगभग इतनी ही बढ़ोतरी रसोई गैस के सिलेंडर में हुई है.
क्यों कच्चे-तेल में उथल-पुथल?
वहीं, ईरान-इजरायल युद्ध का दायरा हर बीतते दिन के साथ और बढ़ता जा रहा है. मीडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर भारत सरकार भी नजर बनाए हुए है. सरकारी से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार ने मौजूदा हालात की गंभीरता को देखते हुए देश के सभी LPG रिफाइनरी को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दे दिया है. ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेज के दाम बढ़ सकते हैं.
इससे पहले कब बढ़े थे दाम
ये फैसला ऐसे वक्त पर लिया गया है, जब मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध की वजह से पिछले एक हफ्ते के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत में तेज़ी से बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गयी है. इंडियन ऑयल की तरफ से जारी आकड़ों के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में पिछली बार बढ़ोत्तरी 11 महीने पहले 08 अप्रैल, 2025 को की गयी थी. यह 30 अगस्त, 2023 के बाद से 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की सबसे अधिक कीमत है.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी महंगे हुए
इंडियन ऑयल ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114.50 रुपये/सिलेंडर महँगी हो गयी है. यह पिछले एक सप्ताह में दूसरी और 01 जनवरी, 2026 के बाद चौथी बढ़ोतरी है.
सरकारी सूत्रों ने कहा कि आज हमारे पास होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे ईंधन की तुलना में कहीं अधिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हैं. कच्चे तेल, तेल उत्पादों और एलपीजी के मामले में हमारी स्थिति बहुत अच्छी है. मौजूदा भंडार के आधार पर हम अच्छी स्थिति में हैं. बता दें कि युद्ध के बाद ईरान द्वारा सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोकने के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आई है. इसकी वजह से दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि ईरान के घटनाक्रम पर सरकार लगातार नज़र बनाए हुए है.
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