दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में महिला मरीज ने खुद को लगाई आग 

इस घटना में हॉस्पिटल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है.  सवाल उठाया जा रहा है कि एक मरीज जो भर्ती है, वो आराम से वार्ड से निकलकर आत्मदाह का प्रयास कर लेता है लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर्स, नर्स और सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

सेंट्रल दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल (RMLH) में आज दोपहर अचानक से हड़कंप मच गया. हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला ने अचानक आत्मदाह करने की कोशिश की, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, महिला को बचा लिया गया और उसका इलाज किया जा रहा है.आरएमएल हॉस्पिटल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, महिला ओल्ड ईसीएस बिल्डिंग में पिछले कुछ दिनों से भर्ती है. आज दोपहर उसका पति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया. इसके बाद वो बिना किसी को बताये वार्ड से बाहर निकल गई और गेट नंबर 6 के पास जाकर अपने आपको आग के हवाले कर दिया. घटना शाम चार बजे के आसपास की बताई जा रही है. 

तीमरदार ने बचाई महिला की जान 

महिला ने जब अपने आपको को आग के हवाले किया तो उस वक्त आसपास मौजूदा लोग घबरा गए. इस बीच, किसी काम से उसी वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज का परिजन नीचे आया था. उसने महिला को देख पहचान लिया और तुरंत दौड़कर आग बुझाने लगा. हालांकि, इस दौरान वो भी हल्का जल गया. लेकिन राहत की बात यह रही की महिला की जान बच गई. फिलहाल अभी वो हॉस्पिटल भर्ती है, जहां उसका इलाज जारी है.

हॉस्पिटल में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल 

इस घटना में हॉस्पिटल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है.  सवाल उठाया जा रहा है कि एक मरीज जो भर्ती है, वो आराम से वार्ड से निकलकर आत्मदाह का प्रयास कर लेता है लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर्स, नर्स और सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगती है. महिला मरीज दूसरे फ्लोर से नीचे तक चली आती है लेकिन मौजूद सुरक्षाकर्मियों को नजर तक नहीं आता है. हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग कर रहें लोगों को भी क्या यह नहीं दिखा कि मरीज वार्ड से निकल कर जा रहा है? या कंट्रोल रूम में कोई था ही नहीं? ऐसे कई सवाल हैं जो हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठ रहें हैं. 

परिजनों की बढ़ी परेशानी 

घटना के बाद वार्ड में चौकसी बढ़ा दी गई है. सभी गार्ड को अलर्ट कर दिया गया है और सिर्फ उन्हीं लोग को प्रवेश दिया जा रहा है, जिनके पास कार्ड है. हालांकि, इससे मरीज के परिजनों की परेशानी बढ़ गई है. उनका कहना है अब जरुरी काम के लिए भी नहीं जाने दिया  जा रहा है. इससे हमारे साथ मरीज को भी दिक्कत हो रही है. हम इसको लेकर जब स्टाफ से कहते हैं तो वो कोई सुनवाई नहीं करते हैं. ऐसे में अब हम किससे क्या कहें? अस्पताल प्रशासन को हमारी बातों का भी संज्ञान लेना चाहिए.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bengal Elections 2026: बंगाल चुनाव के बीच गृहमंत्री Amit Shah ने किया बड़ा दावा! | Mamata Banerjee
Topics mentioned in this article