- HC ने दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी विनय सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
- निलंबन आदेश ऑल इंडिया सर्विसेज अनुशासन नियम और दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस रूल्स 1970 के तहत जारी किया गया.
- निलंबन अवधि में सिंघल का मुख्यालय तीस हजारी कोर्ट का कार्यालय होगा और बिना अनुमति दिल्ली छोड़ने पर रोक रहेगी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस (DHJS) के एक वरिष्ठ अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस के अधिकारी श्री विनय सिंघल पर यह गाज गिरी है.
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश संख्या 27/DHC/Gaz/D-2/VI.E.2(a)/2026, जो कि 10 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, के अनुसार विनय सिंघल के खिलाफ एक अनुशासनात्मक कार्यवाही (disciplinary proceeding) पर विचार किया जा रहा है, जिसके चलते यह निलंबन आदेश जारी किया गया है.
किन नियमों के तहत हुई कार्रवाई?
अदालत के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया सर्विसेज अनुशासन और अपील नियम, 1969 के नियम 3 के उप नियम (1) के खंड (अ) के साथ पठित दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस रूल्स, 1970 के नियम 27 के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कदम उठाया है. इस नियम के तहत हाईकोर्ट को यह अधिकार है कि वह किसी भी अधिकारी के खिलाफ जांच या कार्यवाही लंबित रहने के दौरान उसे निलंबित कर सके.
बिना अनुमति दिल्ली छोड़ने पर रोक
इस निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी विनय सिंघल पर कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं. आदेश के मुताबिक, निलंबन की इस अवधि के दौरान श्री विनय सिंघल का मुख्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुख्यालय, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली का कार्यालय होगा. इसके साथ ही, आदेश में यह साफ निर्देश दिया गया है कि वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा, आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन की इस अवधि के दौरान प्रासंगिक नियमों के तहत श्री विनय सिंघल को मिलने वाला निर्वाह भत्ता और अन्य मिलने वाले भत्ते नियमानुसार प्रदान किए जाएंगे.
न्यायिक गलियारों में मचा हड़कंप
दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से एक उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी के खिलाफ इस तरह के कड़े कदम उठाए जाने के बाद दिल्ली के न्यायिक हलकों और अदालती परिसरों में हड़कंप मच गया है. हालांकि, आदेश में इस बात का विस्तार से जिक्र नहीं किया गया है कि उनके खिलाफ किस विशिष्ट मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जा रही है, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी का तत्काल प्रभाव से निलंबन यह दर्शाता है कि मामला काफी गंभीर है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.
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