- दिल्ली के द्वारका में रहने वाले साहिल धनेश्रा का कमरा आज भी वैसा ही सजा हुआ है जैसा वह छोड़ कर गया था
- साहिल ने अपनी दीवारों और छत को विजन बोर्ड बनाया था जिसमें उसने अपने सपनों और लक्ष्यों को लिखा था
- साहिल का सपना विमान का मालिक बनने का था और उसने अपनी मेहनत से कई मेडल भी हासिल किए थे
बिस्तर की चादर आज भी सलीके से बिछी है, मेज पर किताबें करीने से सजी हैं और दीवारों पर सुनहरे भविष्य के गोल लिखे हैं. दिल्ली के द्वारका में रहने वाले साहिल धनेश्रा का कमरा आज भी वैसा ही है जैसा वह छोड़ कर गया था, बस अब उस कमरे में साहिल नहीं है. एक रईसजादे की तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) ने 23 साल के इस होनहार युवक की जिंदगी और उसके तमाम सपनों को एक पल में कुचल दिया.
सपनों से सजी दीवारें, जो अब कभी सच नहीं होंगी
साहिल के कमरे की दीवारें चीख-चीख कर उसकी मेहनत और जुनून की कहानी बयां कर रही हैं. उसने अपनी दीवारों और छत को ही अपना 'विजन बोर्ड' बना लिया था. साहिल ने छत पर लिखा था- "$1,000,000 Year!" और "2025 विल बी माई ईयर" (2025 मेरा साल होगा). दीवारों पर लिखे संदेश जैसे "Obsession is gonna beat talent" (जुनून टैलेंट को मात दे देगा) बताते हैं कि वह अपनी सफलता के लिए कितना गंभीर था. उसने 'D' शब्द को 'Dream' (सपना) और 'Discipline' (अनुशासन) के रूप में परिभाषित किया था.
"वो विमान का मालिक बनना चाहता था"
साहिल की स्टडी टेबल पर उसकी किताबों और लैपटॉप के बीच एक पोस्टर लगा है, जिस पर लिखा है- "वे फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं, मैं विमान का मालिक बनना चाहता हूं." दीवार पर टंगे दर्जनों मेडल इस बात का सबूत हैं कि साहिल सिर्फ सपने नहीं देखता था, बल्कि उन्हें पूरा करने का दमखम भी रखता था.
एक झटके में उजड़ गई दुनिया
साहिल की मां, इन्ना माकन के पास अब केवल अपने बेटे की यादें और उसके अधूरे लक्ष्य बचे हैं. पश्चिम दिल्ली के द्वारका के पास एक नाबालिग द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही तेज रफ्तार एसयूवी ने साहिल की बाइक को टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि साहिल की मौके पर ही मौत हो गई.














