फांसी घर केस में केजरीवाल की थी पेशी, विधानसभा अध्यक्ष ने एंट्री को लेकर लागू कर दिए सख्त आदेश

विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर जारी आदेश में कहा गया है कि जो कोई सचिवालय के कार्य या समिति की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन और अवमानना की कार्यवाही की जाएगी. 

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दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने जानकारी दी है कि शुक्रवार को विधानसभा परिसर में सिर्फ विशेषाधिकार समिति के सदस्यों को ही प्रवेश मिलेगा. इनके अलावा विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचेतक और नेता प्रतिपक्ष को ही प्रवेश की अनुमति होगी. 

विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश और सचिव रंजीत कुमार के दस्तखत से जारी आदेश में इसकी वजह बताते हुए कहा गया है कि शुक्रवार को विशेषाधिकार समिति के सामने राष्ट्रीय महत्व के एक संवेदनशील मामले की सुनवाई होनी है. इसके साथ अव्यवस्था की आशंका भी जताई गई है. 

आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति या सदस्य सचिवालय के कार्य या समिति की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन और अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है. 

दरअसल दिल्ली विधानसभा में फांसीघर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की विशेषाधिकार समिति के सामने पेशी है. केजरीवाल ने कार्यवाही के सीधे प्रसारण की मांग की थी, जिसे विधानसभा सचिवालय ने ठुकरा दिया है. 

विशेषाधिकार समिति दिल्ली विधानसभा के अंदर पिछली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा ब्रिटिश काल के ‘फांसी घर' की प्रतिकृति बनाए जाने के महत्व की जांच कर रही है. आप का दावा है कि ब्रिटिश शासन के दौरान उस इमारत में एक गुप्त फांसीघर था, जबकि बीजेपी का कहना है कि वह केवल टिफिन कक्ष था. 

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