- नागपुर के इंदोरा बुद्ध विहार क्षेत्र में नालंदा कन्या छात्रावास बिना अनुमति और पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित
- बाल संरक्षण टीम ने छापेमारी कर कुल उनतीस लड़कियों को सुरक्षित निकालकर छात्रावास से रेस्क्यू किया है
- रेस्क्यू की गई लड़कियों में दो अनाथ और कई अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित थीं जो विभिन्न राज्यों से आई थीं
महाराष्ट्र के नागपुर में बिना किसी अनुमति के चल रहे एक अवैध लड़कियों के छात्रावास का मामला सामने आया है. पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में लड़कियों को सुरक्षित निकालकर हॉस्टल संचालकों पर केस दर्ज किया है. उत्तर नागपुर के इंदोरा बुद्ध विहार क्षेत्र में ‘नालंदा कन्या छात्रावास' नाम से एक अवैध हॉस्टल संचालित किया जा रहा था. सूचना मिलते ही बाल संरक्षण टीम ने मौके पर छापेमारी की.
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कुल 29 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया
छापेमारी में कुल 29 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया. इनमें कई लड़कियां नागपुर के बाहर के जिलों और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों से थीं. अधिकांश लड़कियां अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित थीं. रेस्क्यू की गई लड़कियों में दो अनाथ बच्चियां भी शामिल थीं. जांच में पाया गया कि छात्रावास कि पूरी तरह बिना पंजीकरण (Unregistered) संचालित किया जा रहा था. हॉस्टल में न सुरक्षा गार्ड थे और न ही अधीक्षक (Warden) की नियुक्ति की गई थी.
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सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां
इसके साथ ही भवन की साफ-सफाई बेहद खराब थी और सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां थीं. महिला एवं बाल विकास उप-आयुक्त के निर्देश पर बाल कल्याण समिति ने मामला दर्ज करने का आदेश दिया. इसके तहत नागा अर्जुन भंते ससई कमेटी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पर बाल न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 41 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया है.
यह कार्रवाई नागपुर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी साधना हटवार और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा की गई. इस घटना से नागपुर शहर में हड़कंप मच गया है.














