कानपुर में नटवरलाल का खेल, खुद को बताया IAS, शादी का झांसा देकर युवती से ठगे 26.50 लाख और जेवर, रेप का भी आरोप

कानपुर में फर्जी अफसर बनकर शादी का झांसा देकर युवती से 26.50 लाख रुपये और जेवर ठगने का मामला सामने आया है.

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पुलिस की गिरफ्त में शातिर ठग
कानपुर:

प्यार, विश्वास और रसूखदार पद का झांसा देकर एक युवती की जिंदगी बर्बाद करने और लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला कानपुर से सामने आया है. यहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने कभी खुद को बैंक मैनेजर, कभी एसडीएम और कभी कानपुर का डीएम बताकर एक युवती का शारीरिक शोषण किया और उससे करीब 26.50 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के जेवर ठग लिए.

शादी में हुई मुलाकात, फेसबुक से शुरू हुआ प्रेमजाल

पीड़िता के मुताबिक, साल 2022 में एक रिश्तेदार की शादी के दौरान उसकी मुलाकात नीतेश कुमार पाण्डेय निवासी चकेरी, कानपुर से हुई थी. इसके बाद फेसबुक के जरिए दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे‑धीरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गया. प्रेम संबंध में बातचीत और मुलाकात के दौरान नीतेश ने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा में फील्ड ऑफिसर बताया और शादी का प्रस्ताव रखा.

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SDM बनने का झूठा दावा, साथियों ने भी दिया भरोसा

इसी दौरान उसने झूठा दावा किया कि उसका चयन एसडीएम पद पर हो गया है. युवती का भरोसा जीतने के लिए उसने UPSC.GOV.IN के नाम से एक फर्जी ई‑मेल भी दिखाया. मामले की जांच में सामने आया है कि इस पूरे षड्यंत्र में नीतेश अकेला नहीं था. नीतेश के दोस्त दिवाकर मिश्रा उर्फ सत्यम निवासी शुक्लागंज उन्नाव, उसके भाई जीतिश पाण्डेय और भाभी आकांक्षा ने भी उसके झूठ को सच्चा साबित करने में साथ दिया. इन लोगों ने पीड़िता को यकीन दिलाया कि नीतेश एक होनहार अधिकारी है.

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IAS इंटरव्यू के नाम पर लाखों रुपये की मांग

आरोपी ने शर्त रखी कि वह आईएएस बनने के बाद ही शादी करेगा, मगर कुछ समय बाद उसने दावा किया कि उसने आईएएस परीक्षा पास कर ली है, लेकिन इंटरव्यू क्लियर करने के लिए उसे पैसों की सख्त दरकरार है. अफसर पति की उम्मीद और प्रेमजाल में फंसी युवती ने अपने घर से चोरी‑छिपे 3.50 लाख रुपये नकद नीतेश को दे दिए. इसके बाद उसकी मांग और बढ़ गई. आरोपी ने कहा कि इंटरव्यू के लिए 35 लाख रुपये चाहिए. पीड़िता ने अपने पिता, भाई और मामा से रुपये जुटाकर 23 लाख रुपये और उसे दे दिए.

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जेवर हड़पने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र से ठगी चरम पर

जब पैसे कम पड़े, तो नीतेश के दोस्त दिवाकर मिश्रा ने दबाव बनाकर पीड़िता के घर से करीब सवा किलो चांदी की सिल्ली, 100 ग्राम का सोने का हार, 12 कंगन समेत अन्य कीमती जेवर हड़प लिये. इसके बावजूद आरोपियों ने पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना जारी रखा. ठगी की हद उस समय पार हो गई जब नीतेश ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के नाम से जारी एक फर्जी नियुक्ति पत्र पीड़िता को भेजा, जिसमें खुद को कानपुर नगर का जिलाधिकारी नियुक्त बताया गया.

ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी के बाद FIR दर्ज

आरोपी ने कहा कि ज्वाइनिंग के बाद वह सारे रुपये लौटा देगा, लेकिन रुपये और जेवर लौटाने के बजाय नीतेश ने पीड़िता की निजी तस्वीरें उसके पिता को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. इसके बाद जब युवती ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी के साथी दिवाकर मिश्रा ने घर में घुसकर चाकू की नोंक पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी. आखिरकार धोखे का अहसास होने पर पीड़िता ने कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई.

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