ग्रेटर नोएडा: दोपहर में बदमाशों ने दिनदहाड़े मारी गोली, UP पुलिस ने शाम में आरोपी का कर दिया एनकाउंटर

नितिन और विनिय की आपसी दुश्मनी ने गैंगवार का रूप तब ले लिया जब विनय की हत्या की गई. इसके बाद आरोपी नितिन और उसके साथियों पर पुलिस की दबिश लगातार बढ़ने लगी थी. इसी गैंगवार के तहत मंगलवार को नितिन की हत्यी की गई थी.

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मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया आरोपी मोनू
NDTV
ग्रेटर नोएडा:

यूपी में पुलिस जिस तरह से एक्शन मोड में है, उसे देखते हुए तो ऐसा ही लग रहा है कि यहां कोई बदमाश अपराध करे और वो बच जाए, ये असंभव है. इसकी एक बानगी उस वक्त दिखी जब ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मंगलवार को लुक्सर गांव में नितिन नाम के शख्स की हत्या के मामले को महज 12 घंटे के अंदर ही सुलझाते हुए इस हत्याकांड में शामिल एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया.ग्रेटर नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोनू के रूप में की है. पुलिस ने आरोपी के पास से तमंचा और कुछ जिंदा कारतूस भी कब्जे में लिया है. पुलिस और बदमाश के बीच ये मुठभेड़ ईकोटेक 1 थाना इलाके में हुई है. पुलिस फिलहाल आरोपी से नितिन हत्याकांड को लेकर पूछताछ कर रही है. 

आपको बता दें कि मंगलवार सुबह थाना ईकोटेक-1 क्षेत्र में आने वाले गांव लुक्सर के रहने वाले नितिन को पुरानी रंजिश के चलते सचिन व उसके अन्य साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें नितिन गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान अस्पताल में डॉक्टरों  ने उसे मृत घोषित कर दिया. नितिन और विनिय की आपसी दुश्मनी ने गैंगवार का रूप तब ले लिया जब विनय की हत्या की गई. इसके बाद आरोपी नितिन और उसके साथियों पर पुलिस की दबिश लगातार बढ़ने लगी थी.

पुलिस की पकड़ को तेज होता देख आरोपी नितिन ने दिल्ली जाकर आत्मसमर्पण किया. नितिन ने सोचा होगा कि जेल में रहने के बाद वह इस दुश्मनी की आग को ठंडी कर देगा. समय बीतता गया और उसे ये भ्रम होने के लगा कि अब विनय गैंग के सदस्य उससे अपनी दुश्मनी को भूल गए होंगे. लेकिन दूसरी तरफ विनय गिरोह के सदस्य हर दिन नितिन जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहा था. वह इस बात के इंतजार में था कि एक बार नितिन जेल से बाहर आए ताकि उससे विनय की मौत का बदला लिया जाए. 

नितिन अक्टूबर 2024 से अगस्त 2025 तक जेल में था.अगस्त में वो जैसे ही बाहर आया है वैसे ही विनय गिरोह के सदस्य उससे हिसाब बराबर करने की फिराक में लग गए. लेकिन नितिन भी पहले से काफ सतर्क था. वो हर बार किसी ना किसी तरह दुश्मनों की नजर से खुदको बचाता रहा, लेकिन विनय की गैंग के सदस्य कहां हार मानने वाले थे. उन्हें पता था कि आज ना कल नितिन से एक गलती होगी और वो उसका पूरा फायदा उठाएंगे. और हुआ भी कुछ ऐसा ही. 24 फरवरी को नितिन से वो चूक हुई. वो अपने ही इलाके में अकेले दिख गया. इसी दिन का तो इंतजार विनय गिरोह के सदस्यों को था. आखिरकार ताक लगाकर बैठे बदमाशों ने ना सिर्फ नितिन की हत्या की  बल्कि इस तरह से मारा कि नितिन के गैंग की कमर टूट जाए. 

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