MKP कॉलेज देहरादून में ऑनलाइन परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़, सर्वर रूम से रिमोट एक्सेस के जरिए हल हो रहे थे पेपर

उत्तराखंड STF ने देहरादून के एमकेपी कॉलेज स्थित “महादेव डिजिटल सेंटर” पर छापा मारकर SSC (ग्रुप‑C, क्लास फोर) परीक्षा में कथित रिमोट सॉल्विंग गिरोह का पर्दाफाश किया।

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने देहरादून के एमकेपी कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर साइबर एग्जाम घोटाला पकड़ा
  • एसएससी की मल्टी लेवल टास्किंग परीक्षा में तकनीकी छेड़छाड़ कर परीक्षा रिमोट तरीके से हल कराई जा रही थी
  • गुप्त भूमिगत सर्वर रूम में राउटर-कनेक्टर और केबल्स का जाल बिछाकर असली आईपी एड्रेस को बाईपास किया गया था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
देहरादून:

उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर एग्जाम घोटाले का खुलासा करते हुए देहरादून स्थित एमकेपी कॉलेज देहरादून में संचालित एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई की है. दरअसल यह मामला Staff Selection Commission (SSC) की मल्टी लेवल टास्किंग (ग्रुप-सी, क्लास फोर) परीक्षा से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर तकनीकी छेड़छाड़ कर परीक्षाओं को रिमोट तरीके से हल कराया जा रहा था.

गुप्त भूमिगत सेटअप: सर्वर रूम के नीचे राउटर-कनेक्टर का जाल

इस मामले की जांच में सामने आया कि “महादेव डिजिटल सेंटर” नामक एग्जाम सेंटर के सर्वर रूम में जमीन के नीचे बने एक गुप्त स्थान में राउटर, कनेक्टर और इथरनेट केबल्स का जाल बिछाया गया था. आरोप है कि असली आईपी एड्रेस को बाईपास कर सिस्टम को इस तरह सेट किया गया था कि एग्जाम कहीं और बैठे व्यक्तियों द्वारा रिमोट एक्सेस के जरिए हल की जा सके. स्क्रीन पर देखने में ऐसा प्रतीत होता था कि अभ्यर्थी स्वयं एग्जाम दे रहा है, जबकि वास्तविकता में पेपर किसी अन्य स्थान से सॉल्व कर सबमिट किया जा रहा था.

ये भी पढ़ें : देहरादून में 16 दिनों में 5 हत्याएं, सरेआम वारदात पुलिस के लिए चुनौती, चौंका रहे उत्तराखंड में अपराध के आंकड़े

प्रलोभन और वसूली का खेल: अभ्यर्थियों से मोटी रकम

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, अभ्यर्थियों से प्रलोभन देकर मोटी रकम वसूली जाती थी और पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जाता था. इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस एसटीएफ के सहयोग से अंजाम दिया गया.

संभावित तौर पर देश में पहला मामला

मामले की शुरुआती जांच में यह देश में इस तरह का संभवतः पहला मामला बताया जा रहा है, जहां पूरे एग्जाम सेंटर के सर्वर सिस्टम को भूमिगत ढांचे के माध्यम से हैकनुमा तरीके से संचालित किया जा रहा था.

ये भी पढ़ें : देहरादून के मॉल में मर्डर, SSP ऑफिस से सिर्फ 500 मीटर दूर प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली

Advertisement

आगे की जांच: और नाम व तकनीकी कड़ी जुड़ने की आशंका

अभी इस मामले की गहन जांच जारी है और आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं.

Featured Video Of The Day
Assam दौरे पर PM Modi, 5,450 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, मोरान में देखेंगे एयर शो