Vaibhav Sooryavanshi: शनिवार को आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम में चयन के साथ ही मानो वैभव सूर्यवंशी युग का शुभारंभ हो गया. चयन के साथ ही वैभव ने सचिन तेंदुलकर ने सबसे कम उम्र में टीम इंडिया के चयन का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. और अगर वैभव इसी महीने की 26 तारीख को आयरलैंड के खिलाफ मैच खेलते हैं, वैसे ही वह सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने के मामले में भी रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे. इसी के साथी सचिन तेंदुलकर के चाहने वाले और वैभव के समर्थकों के बीच यह बहस भी तेजी से शुरू हो गई है कि क्या सूर्यवंशी 20 साल की उम्र से पहले सचिन के उन बड़े कारनामों से आगे निकल पाएंगे, जो तेंदलुकर ने लिए. चलिए आपको सचिन के 20 साल का होने से पहले किए गए उन 4 बड़े कारनामों के बारे में बताते हैं .
1. 5 टेस्ट शतक का रिकॉर्ड
वैभव भले ही भारत के लिए सबसे कम उम्र में खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लें, लेकिन सूर्यवंशी के लिए 20 साल की उम्र से पहले सचिन का 5 टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड तोड़ना हमेशा ही बहुत बड़ा चैलेंज रहेगा. सचिन ने अपना पहला शतक इंग्लैंड के खिलाफ 17 साल, 112 दिन की उम्र में बनाया था. इसके बाद सचिन ने 18 की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 148, फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 114, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 111, इंग्लैंड के खिलाफ 165 रन की पारी खेली थी. और यही वैभव के लिए यहां से बड़ी और असल चुनौती दिखाई पड़ रही है.
2. सबसे कम उम्र में 1000 टेस्ट रन
व्हाइट-बॉल फॉर्मेंट में वैभव ने बड़े-बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में एक हजार रन बनाना एक और बड़ी बात है, जिस पर फिलहाल सचिन का कब्जा है. वास्तव में, सचिन ने यह कारनामा 19 साल की उम्र में हासिल कर लिया था. व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में हाल ही में वैभव ने पूरे क्रिकेट जगत को बताया है कि वह कितनी तेज गति से रन बनाते हैं, लेकिन सफेद गेंद और रेड बॉल दो अलग-अलग बाते हैं. वह यह कारनामा अपने नाम कर पाएंगे, यह भी भविष्य के गर्भ में ही छिपा है.
3. विश्व कप के सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी
सचिन तेंदुलकर साल 1992 में सबसे कम उम्र में विश्व कप खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बने थे. तब सचिन ने यह कारनामा 18 साल 304 दिन की उम्र में किया था. वैसे अगर वैभव साल 2028 में टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा बनते हैं, तो वह 17 साल की उम्र में यह कारनामा कर सकते हैं. लेकिन जब तक यह उपलब्धि हासिल नहीं होती, तब तक इस पर सचिन का ही कब्जा रहेगा.
4. यार्कशायर काउंटी के लिए खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी
इंग्लिश घरेलू क्रिकेट में सचिन ने साल 1992 में यार्कशायर काउंटी की 129 साल की परंपरा तोड़ते हुए इस काउंट के लिए खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बने थे. उस दौर में यह सचिन के लिए बहुत बड़ा सम्मान था. अब सवाल यह है कि क्या कोई इंग्लिश काउंटी वैभव सूर्यवंशी लिए अपनी परंपरा तोड़ते हुए अपने लिए खेलने के लिए आमंत्रित करेगी. सचिन ने सिर्फ 19 साल की उम्र में यह कारनामा किया था. अब देखने की बात होगी कि क्या वैभव उम्र के मामले में सचिन का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
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