Team India is Announced: आखिरकार पिछले कुछ दिनों से सूत्रों के हवाले से छनकर आ रही खबरों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) मुहर लगाते हुए श्रेयस अय्यर (Shryeas Iyer) को भारतीय टी-20 टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया. इसी के साथ ही एक तरह से सूर्यकुमार युग का अंत हो गया! उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की, लेकिन पिछले करीब दो साल से बल्ले से बहुत ही निराशाजनक प्रदर्शन और अगले विश्व कप की प्लानिंग में फिट न होते दिखने के कारण यादव का पत्ता साफ हो गया. अब यहां से अय्यर की कप्तानी एक नई युवा ब्रिगेड 2028 टी20 विश्व कप सहित बाकी टूर्नामेंटों में खेलते दिखाई पड़ेगी. बहरहाल, श्रेयस अय्यर के लिए भी कप्तानी का ताज हासिल करना आसान नहीं रहा. और उनकी कई नामों के साथ प्रतिस्पर्धा थी, लेकिन आखिर में BCCI के आला अधिकारियों ने अय्यर को ही कप्तानी देने का मन बना. और अगर श्रेयस अय्यर बाजी मारने में सफल रहे, तो उसके पीछे कई वजह रहीं.
1. व्हाइट-बॉल में एक कप्तान !
बीसीसीआई पिछले कई सालों से ही ऐसे कप्तान की तलाश में था, लेकिन कोई फिट होता नहीं दिखा नहीं. कोहली औ रोहित ने 2024 टी20 विश्व कप जीतते ही संन्यास का ऐलान कर दिया था, तो ऐसे समय बोर्ड ने अलग-अलग मोड़ पर कभी सूर्यकुमार यादव, तो कभी शुभमन गिल को इस नीति पर लाने की कोशिश की, लेकिन कभी सूर्यकुमार वनडे में फिट नहीं होते, तो गिल टी20 में वापसी पर सफल नहीं रहे. और अब बोर्ड ने फिर से इस नीति पर आगे बढ़ते हुए श्रेयस अय्यर पर दांव खेला है. हालांकि, रेस में संजू सैमसन, इशान किशन और तिलक वर्मा भी थे. तिलक वर्मा भविष्य में ऑल फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं, लेकिन उनका बतौर कप्तान कम अनुभव श्रेयस अय्यर को फायदा दिला गया. और श्रेयस अय्यर तमाम प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए BCCI की प्लानिंग में फिट हो गए.
2. कप्तानी का शानदार लंबा अनुभव
बोर्ड की पॉलिसी का मानक पास करने के बाद अगरकर एंड कंपनी को अय्यर को कप्तान चुनने के बाद दूसरी सबसे बड़ी वजह उनका कप्तानी का शानदार रिकॉर्ड और अनुभव दोनों का होना रहा. अय्यर के पास आईपीएल में टी20 की कप्तानी करने का सौ मैचों से भी ज्यादा का अनुभव है. वह धोनी, रोहित, विराट कोहली और वर्तमान हेड कोच गौतम गंभीर के बाद आईपीएल में सौ मैचों की कप्तानी करने वाले सिर्फ पांचवें कप्तान हैं. अय्यर ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 41, केकेआर के लिए 30 और पंजाब किंग्स के लिए 20 मैचों में कप्तानी की है. अय्यर ने कुल मिलाकर 100 मैचों में कप्तानी की. इसमें उन्हें 54 में अपनी अलग-अलग टीमों को जी दिलाई. 44 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, तो 2 मैच बेनतीजा रहे. इसमें भी घरेलू टी20 मैचों को शामिल करने पर अय्यर अभी तक 127 टी20 मैचों में कप्तानी कर चुक हैं. इनमें वह 74 में जीते हैं, तो 52 में हार मिली है. वहीं, अय्यर की कप्तानी में केकेआर ने साल 2024 में खिताब जीता, तो अगले ही साल पंजाब की टीम फाइनल में पहुंची. और इन 2 प्वाइटों को अय्यर को कप्तान बनाने में बड़ा योगदान रहा.
3. बतौर कप्तान तूफानी प्रदर्शन
अय्यर ने अपनी कप्तानी में आईपीएल में अलग-अलग टीमों को विजेता और उपविजेता ही नहीं बनाया, बल्कि उन्होंने आगे रहकर बल्ले से दमदार प्रदर्शन कर दिखाया कि वह क्यों टीम इंडिया के कप्तान बनने के सबसे उपयुक्त दावेदार हैं. पिछले साल अय्यर ने पंजाब के लिए 17 मैचों में 50.33 के औसत से 6 अर्द्धशतक से 604 रन बनाए, तो इस साल कुछ ही दिन पहले खत्म हुए सीजन में अय्यर ने 14 मैचों की 13 पारियों में 55.33 के औसत, 1 शतक, 5 अर्द्धशतक, 1 शतक से 498 रन बनाए
4. चयन समिति ने नहीं मानी 'गंभीर' बात!
चयन समिति ने नया कप्तान चुनने के लिए हेड कोच गौतम गंभीर के साथ भी डिटेल से चर्चा की थी. और गौतम ने नए कप्तान के लिए संजू सैसमन के नाम की सिफारिश की थी, लेकिन अगरकर एंड कंपनी ने गंभीर से दूसरा नाम मांगा, तो भारतीय हेड कोच ने अय्यर का नाम लिया. वहीं, BCCI की एपेक्स काउंसिल भी अय्यर को ही नया कप्तान बनते देखना चाहती थी. ऐसे में चयन समिति के लिए अय्यर के नाम पर मुहर लगाना आसान हो गया.