T20 World Cup 2026: विश्व कप से पहले 'संतुलन के बीच' फंसे सैमसन, सिर्फ 2 मैच बाकी, प्रबंधन के पास बचा सिर्फ यह 'गंभीर' विकल्प

India vs New Zealand: टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मैचों में ही न्यूजीलैंड पर ऐसा वार किया कि पूरा क्रिकेट जगत भारत की ओर देखने को मजबूर हो गया, लेकिन अभी भी विश्व कप की 'फाइनल सुनिश्चित XI' का पेंच फंसा हुआ है.

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India V/S New Zealand: अगले महीने अपनी धरती और श्रीलंका में होने जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) से पहले ही टीम सू्र्यकुमार यादव ने मानो आग लगा दी है. पिछले तीन मैचों में भारतीय टीम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कीवी भी कांव-कांव कर रहे हैं! मेगा इवेंट के ड्रेस रिहर्सल (किसी प्रतियोगिता का अंतिम अभ्यास) के शुरुआती तीन मैचों में न्यूजीलैंड (Ind vs Nz) को ऐसा जमकर ठोका है कि पूरे क्रिकेट जगत ने अभी से टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बताना शुरू कर दिया है, लेकिन जीत के बावजूद भारतीय इलेवन का संतुलन डगमगा सा गया है. और यह हुआ है विकेटकीपर संजू सैमसन (Sanju Sasmon) की नाकामी से. सैमसन पिछले तीनों ही मैचों में बुरी तरह नाकाम साबित हुए हैं और उनका औसत 3 मैचों में 16 रन के साथ ही 5.33 पर सिमट गया है और यहां से 'गंभीर' सवाल खड़ा हो गया है?

अब बात गंभीर संतुलन की है!

जब टी20 विश्व कप टीम से शुभमन गिल को बाहर कर इशान किशन को लिया गया, तो कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यही कहा था कि प्रबंधन बेहतर संतुलन के लिए किसी विकेटकीपर को ओपनर बनाना चाहता था. पहले विकेटकीपर-ओपनर संजू सैमसन, दूसरे विकेटकीपर-ओपनर इशान किशन! मगर अब जब टी20 विश्व कप शुरू होने के बीच भारत के पास सिर्फ दो अंतरराष्ट्रीय मैच भर बचे हैं, तो संजू सैमसन की नाकामी ने प्लान 'ए' को नाकाम कर दिया है. यहां से पहला सवाल तो अब यही है?

संजू सैमसन पर भरोसा बाकी है क्या?

बात सिर्फ सैमसन की फॉर्म भर का ही नहीं है. जिस अंदाज में संजू सैसमन भारतीय  पिचों पर जिस अंदाज में आउट हुए हैं, वह और बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. गुवाहाटी में संजू को मैट हेनरी ने जिस अंदाज में गिल्लियां बिखेरेंगी, लगा कि संजू पूरी तरह से कॉन्फिडेंस खो बैठे हैं. अब सवाल यह है कि प्रबंधन की 'गंभीर' सोच क्या है? क्या अगले दो मैचों में संजू को खिलाया जाएगा? लगता है कि खिलाया ही जाएगा क्योंकि जो हालात हैं, सैमसन को प्लानिंग और विश्व कप की टीम का हिस्सा देखते हुए भरोसा वापस लाने में मदद देने के लिए उन्हें अगले दो मैचों में खिलाना ही होगा. लेकिन सैमसन का खुद में बरकरार भरोसा कितना बचा है?

इस विकल्प ने दे दी गंभीर आहट!

संजू की नाकामी से जहां भारतीय प्रबंधन की सोच पर गहरा वार किया होगा, तो पूर्व क्रिकेटरों ने भी विकेटकीपर-ओपनर का 'प्लान बी' का सुर लगाना शुरू कर दिया है. मतलब इशान किशन! अगर संजू बाकी के दो मैचों में प्रबंधन को भरोसा नहीं दे सके, तो फिर जब विश्व कप के पहले मैच में भारतीय इलेवन मैदान पर उतरेगी, तो प्रबंधन के पास सैमसन की जगह इशान किशन से पारी शुरू कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं ही बचेगा! इस विकल्प में वजन तब और ज्यादा आ जाएगा, जब हालिया सालों में टीम इंडिया के इस फॉर्मेट में बड़े मैच विनर बनकर उभरे तिलक वर्मा फिट होकर वापस लौटेंगे. 

 
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बतौर ओपनर ही आया है! 

सैमसन ने भारत के लिए अभी तक खेले 55 टी20 मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बतौर ओपनर एक पायदान पर किया है. नंबर एक पायदान मतलब वह ओपनर जो पहली गेंद फेस करता है. सैमसन ने 18 मैचों में 33.23 का औसत निकाला है, तो तीन शतक भी बतौर ओपनर ही आए हैं. स्ट्राइक-रेट 178.79 का रहा है, लेकिन आज की तस्वीर और ये आंकड़े एक विरोधाभासी तस्वीर है, जो हफ्ते-दर हफ्ते और कम से कम पांच मैच दर मैच मैच (मान लेते हैं) बदलती रहती है.

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