'इसने बल्लेबाजों पर बहुत ज्यादा मेक-अप चढ़ा दिया', मांजरेकर ने बताई टीम इंडिया के सफाए की वजह

भारत के हालिया 4-0 से सफाए के बाद भारतीय पूर्व दिग्गजों के विचार खुलकर आने शुरू हो गए हैं. मांजरेकर ने बहुत ही पते की बात कही है

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर
X: social media

Sanjay Manrjekar on India's whitewash: हाल ही में इंग्लैंड के हाथों उसी की धरती पर 4-0 से हुई धुलाई के बाद भारतीय फैंस, मीडिया और पूर्व क्रिकेटरों में खासा रोष है  पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भारत के निराशाजनक विदेशी टी20 अभियानों के लिए  आईपीएल के बैटिंग अनुकूल हालात को जिम्मेदार बताया है  उन्होंने कहा कि टीम की विफलताओं के लिए केवल खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय, लीग की संरचनात्मक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. हार के बाद मांजरेकर ने कहा कि आईपीएल एक बल्लेबाज की क्षमता की बढ़ी-चढ़ी तस्वीर पेश करता है. उन्होंने चयनकर्ताओं से आग्रह किया कि विदेशी दौरों के लिए टीम चुनते समय लीग के प्रदर्शन से आगे बढ़कर देखें.

मांजरेकर ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'इस विदेशी टी20 झटके के लिए खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना आसान है. सही काम यह होगा कि उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाए जिन्होंने आईपीएल को ऐसा बना दिया है, जो भारतीय बल्लेबाजों पर भारी मेकअप (दिखावा) चढ़ा देता है.'

उन्होंने कहा, 'चयनकर्ताओं के लिए चुनौती यह है कि वे भारतीय बल्लेबाजों को बिना आईपीएल के 'भारी मेकअप' के देखें और केवल उन्हीं को भारत के लिए चुनें. अब बहुत सारा टी20 क्रिकेट विदेश में होने वाला है. घरेलू स्तर पर मिलने वाली आसान सफलता (फन रन) का दौर खत्म हो गया है.'

फ्लैट आईपीएल पिचों पर आरोप

मांजरेकर की यह टिप्पणी उस समय आई है जब पूरे दौरे के दौरान भारतीय बल्लेबाजी संघर्ष करती नजर आई. गत चैंपियन टीम आयरलैंड और इंग्लैंड में सीम मूवमेंट और अनुशासित तेज गेंदबाजी का सामना करने में असमर्थ रही, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या आईपीएल वास्तव में बल्लेबाजों को विदेशी परिस्थितियों की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है.

Advertisement

आईपीएल की अक्सर सपाट पिचों, छोटी बाउंड्री और उच्च स्कोर वाले मुकाबलों के लिए आलोचना की जाती रही है. हालांकि इन स्थितियों ने मनोरंजक क्रिकेट तो दिया है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि ये चीजें पारी बनाने और उन स्थितियों के अनुकूल ढलने के बजाय सीम और पेस पिचों पर  केवल 'पावर-हिटिंग' के दृष्टिकोण को बढ़ावा देती हैं.

पार्थिव पटेल का नियम पर सवाल

टूर्नामेंट का 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम भी इस बहस के केंद्र में है यह नियम टीमों को मैच के दौरान एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को एक विशेषज्ञ गेंदबाज से बदलने की अनुमति देता है, जिससे असली ऑलराउंडरों में निवेश करने की आवश्यकता कम हो गई है. भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने हाल ही में इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम ने भारत में गुणवत्तापूर्ण ऑलराउंडरों की कमी में योगदान दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि इस नियम ने उन खिलाड़ियों को समर्थन देने से टीमों को हतोत्साहित किया है जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दे सकते हैं.

Advertisement
Featured Video Of The Day
FIFA वर्ल्डकप: क्या इंग्लैंड चुकाएगा माराडोना और बेकहम के दौर का पुराना कर्ज?

Topics mentioned in this article
Sanjay Manjrekar
India
England
Cricket