गुजरात टाइटंस भले ही आईपीएल 2026 का खिताब नहीं जीत पाई हो, लेकिन टीम पांच सीजन में से तीन बार खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल हुई है. बीते पांच सालों में गुजरात ने लीग में चार बार प्लेऑफ में जगह बनाई है. गुजरात की इस सफलता के पीछे हैं आशीष नेहरा. भारत के इस पूर्व तेज गेंदबाज की अगुवाई में फ्रेंचाइजी का प्रदर्शन, लीग की किसी अन्य टीम की तुलना में जबरदस्त रहा है. इस सफलता को देखते हुए कमेंटेटर और पूर्व भारतीय स्टार संजय मांजरेकर ने बीसीसीआई से एक बड़ी मांग की है. मांजरेकर की मानें तो बोर्ड को सीनियर पुरुष टीम के लिए अगला कोच चुनते समय नेहरा को ध्यान में रखना चाहिए.
फिलहाल गौतम गंभीर सीनियर टीम के गेंदबाजी है. उनका कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक का है. हालांकि, पूर्व भारतीय ओपनर को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप तक एक्सटेंशन भी दिया जा सकता है. गंभीर के कोच रहते भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है. हालांकि, टेस्ट में नतीजे उतने अच्छे नहीं रहे हैं.
गंभीर के बाद नेहरा बनें हेड कोच
संजय मांजरेकर ने स्पोर्टस्टार के इनसाइट एज पॉडकास्ट में कहा,"अगर इंडिया को टी20 कोच चाहिए, तो यह वो आदमी है जिसने अच्छे नतीजे दिए हैं. उसका रिकॉर्ड कमाल का है. आशीष नेहरा एक हार्डकोर स्ट्रीट-स्मार्ट क्रिकेटर है. अगर आप उससे क्रिकेट के बारे में बात करेंगे, तो वह ऐसा इंसान नहीं है जो बहुत ज़्यादा इमोशनल हो जाए, वह बस अपनी टीम की दिक्कतों को देख पाएगा."
उन्होंने कहा,"वह खेल को अच्छी तरह समझते हैं, और ऐसे इंसान हैं जो क्रिकेट के अलावा या किसी को खुश करने के बारे में ज़्यादा नहीं सोचते और ऐसे खेल नहीं खेलते जिन्हें आप बने रहने या कुछ खास लोगों को खुश रखने के लिए खेलना चाहते हैं, और मुझे लगता है कि खिलाड़ी इसे यहीं देखते हैं."
मांजरेकर ने कहा कि नेहरा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उन्हें क्रेडिट लेना पसंद नहीं है और वे पर्दे के पीछे रहकर भी ठीक हैं. मांजरेकर ने कहा,"आप देख सकते हैं कि एक कोच के तौर पर सफलता से उन पर कोई असर नहीं पड़ता. वह बहुत ज़्यादा क्रेडिट नहीं लेना चाहेंगे, वह बस एक सिंपल इंसान हैं जो बहुत आसानी से मेहनत करते हैं और उन्हें यह पसंद है."
पूर्व भारतीय बैट्समैन ने यह भी साफ़ किया कि नेहरा को सिर्फ़ एक संभावित हेड कोच के तौर पर ही देखना चाहिए, और उन्हें बॉलिंग कोच या कंसल्टेंट के तौर पर नहीं लेना चाहिए. मांजरेकर ने कहा,"मुझे नहीं लगता कि उन्हें बॉलिंग कोच के तौर पर आना चाहिए, क्योंकि अगर वह ऐसे इंसान हैं जो हेड कोच रह चुके हैं और जिन्होंने अलग-अलग कप्तानों के अंडर अपनी टीम को इतना अच्छा परफॉर्म कराया है, तो अगर वह आते हैं, तो उन्हें हेड कोच के तौर पर आना चाहिए."
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