- शास्त्री के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने विदेश में कामयाबी हासिल की
- विराट कोहली पहले ही रवि शास्त्री को अपनी पसंद बता चुके थे
- चुनने वाली समिति में शामिल थे कपिल, गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी
रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को फिर से भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team ) का कोच चुना गया है. कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने रवि शास्त्री को मुख्य कोच पद पर बरकरार रखने का फैसला किया. सीएसी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. शास्त्री की नियुक्ति दो साल की अवधि के लिए की गई है. उनका कार्यकाल भारत में 2021 में होने वाले टी20 वर्ल्डकप के साथ खत्म होगा. भारतीय टीम के साथ शास्त्री का यह चौथा कार्यकाल होगा. वे 2007 के बांग्लादेश दौरे में क्रिकेट मैनेजर, 2014 से 2016 तक टीम डायरेक्टर और वर्ष 2017 से 2019 तक प्रमुख कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. सीएसी के प्रमुख कपिल देव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'कोच के तौर पर रवि शास्त्री पहली पसंद रहे.दूसरे स्थान पर माइक हेसन और तीसरे स्थान पर टाम मूडी को तरजीह दी गई थी'
पाकिस्तानी टीम के बैटिंग कोच रहे ग्रांट फ्लावर ने इस मामले में देश को बताया सबसे खराब..
The CAC reappoints Mr Ravi Shastri as the Head Coach of the Indian Cricket Team. pic.twitter.com/vLqgkyj7I2
— BCCI (@BCCI) August 16, 2019
बीसीसीआई ने जुलाई में भारतीय टीम के कोच पद के लिए विज्ञापन निकाला था जिसके लिए 2000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था. आखिर में बीसीसीआई ने मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसमें 3 भारतीय और 3 विदेशी थे. शास्त्री (Ravi Shastri) के अलावा ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी, न्यूजीलैंड के माइक हेसन, भारत के लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह भी कोच पद के दावेदारों में शामिल थे. वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज फिल सिमंस ने शुक्रवार को भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था जिसके बाद इस पद के लिए पांच दावेदार रह गए थे.
वैसे कोच पद के लिए इंटरव्यू होने के पहले ही रवि शास्त्री का चुना जाना तय माना जा रहा था. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कोच के तौर पर रवि शास्त्री के पक्ष में राय जताई थी. रवि और कोहली की 'जुगलबंदी' के मार्गदर्शन में भारतीय टीम का तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन भी शास्त्री के चुने जाने की बड़ी वजह है. रवि शास्त्री को वर्ष 2017 में पहली बार भारतीय टीम का कोच चुना गया था. वर्ष 2017 में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय समिति ने शास्त्री को चुना था. इससे पहले शास्त्री वर्ष 2015 के वर्ल्डकप के दौरान टीम डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं.
कोच के तौर पर रवि शास्त्री के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने टेस्ट में नंबर वन की रैंकिंग हासिल की. भारतीय टीम ने शास्त्री के मार्गदर्शन में ऑस्ट्रेलिया को उसके देश में टेस्ट सीरीज में हराने की उपलब्धि हासिल की. दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज भी भारतीय टीम नेजीती. वर्ष 2019 में हुए वर्ल्डकप में भी भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. वर्ल्डकप में भारतीय टीम ने नौ मैच खेले,जिसमें से केवल दो में उसे हार का सामना करना पड़ा. विराट ब्रिगेड का यह दुर्भाग्य ही रहा कि सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के साथ ही टीम के वर्ल्डकप अभियान पर 'ब्रेक' लग गया. इस हार के साथ ही वर्ष 2019 का वर्ल्डकप चैंपियन बनने का भारतीय टीम का सपना टूट गया था.अनिल कुंबले की जगह जुलाई 2017 में कोच पद संभालने के बाद रवि शास्त्री का रिकॉर्ड शानदार रहा. इस बीच भारत ने 21 टेस्ट मैचों में से 11 में जीत दर्ज की. उसने 60 वनडे में 43 अपने नाम किये तथा 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय में से 25 में जीत हासिल की.
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