KKR vs RCB: क्या इस बार भी स्टाइल में ट्रंपकार्ड चलेगा केकेआर, पिछले साल इसी ने बनाया था चैंपियन, जानें पूरी कहानी

Kolkata vs Bangalore: पिछले साल केकेआर के साथ गौतम गंभीर थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं. और सवाल इसी वजह से उठ रहा है

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IPL 2025: गंभीर के जाने के बाद केकेआर की रणनीति क्या होगी, यह शनिवार को साफ हो जाएगी
नई दिल्ली:

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2025) में शनिवार को गत चैंपियन कोलकाता नाइट  राइडर्स (KKR vs RCB) का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से होना जा रहा है. कप्तान बदल गए हैं, मेन्टॉर बदल गए हैं. और बहुत हद तक लुक भी, लेकिन चर्चा जोरों से है. चर्चा यह है कि क्या केकेआर इस बार वह ट्रंपकार्ड चलेगा, जिसने पिछले साल उसे खिताब दिलाने में बहुत ही ज्यादा मदद की थी. और यह ट्रंप कार्ड था सुनील नरेन (Sunil Narine). नरेन ट्रंप कार्ड कैसे साबित हुए, यह आप इससे समझें कि साल 2016 तक इस लेफ्टी बल्लेबाज ने 198 टी20 मैचों में 413 रन बनाए थे. हर मैच में बमुश्किल दो रन. यह भी एक बात है कि इन 198 मैचों में से सुनील ने 69 मैचों में ही बैटिंग की थी. इसके बाद जब न्यू ईयर वाले दिन मेलबर्न रेनेगेड्स ने नरेन से पारी की शुरुआत कराई, तो इस फैसले का जमकर मजाक उड़ाया गया. उनके बल्ले से एक छोटी आतिशी पारी बल्ले से निकली, तो उनका और इस्तेमाल किया गया. चलिए कदम दर कदम नरेन की पूरी कानी समझते हैं.

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फिर केकेआर ने चली चाल

केकेआर ने साल 2017 में यह चाल बहुत ही सावधानी के साथ चली. शुरुआती दो मैचों का इंतजार किया क्योंकि ये मैच घरेलू मैदान से दूर थे. इसके बाद कप्तान गंभीर खुद नरेन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे. नरेन खरे उतरे और उन्होंने 28 गेंदों पर 3 छक्कों से 37 रन बना दिए. केकेआर का यह मंत्रा चल गया. उन्होंने पारी की शुरुआत करते 12 पारियों में 224 रन बनाए. इसमें स्ट्रा-रेट लगभग 175 का था.

फिर 2018 में हुआ कमाल

अगला साल दिनेश कार्तिक की कप्तानी का पहला साल था. इसमें नरेन ने परफॉरमेंस के स्तर को और ऊंचा करते हुए  197 के स्ट्रा-रेट से 343 रन बना दिए. साल 2019 में स्ट्राइक-रेट 169 के आस-पास रहा, लेकिन उनका सात बार ही बतौर ओपनर इस्तेमाल हुआ. फिर 2019 से लेकर 2023 तक सुनील ने केवल सात बार ही पारी की शुरुआत की. और इसके बाद 2024 आया, तो तूफान सा आ गया 

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...और गंभीर ने फेंक दिया तुरुप का पत्ता

गंभीर के खेलने के दिन खत्म हो गए थे, लेकिन बतौर मेन्टॉर उन्होंने कई चालें चल दीं. एक रणनीति यह थी उन्होंने ऐसे बल्लेबाजों पर दांव लगाया, जो गेंदबाजी कर सकते थे. और ऐसे गेंदबाजों पर, जो बल्लेबाजी कर सकते थे. वहीं, गंभीर पहली ही गेंद से अटैक चाहते थे. उन्होंने नरेन से पारी की शुरुआत कराकर फिर से तुरूप का पत्ता फेंक दिया. और इतिहास रच दिया सुनील ने. जो 2012 से नहीं हुआ था, व ह 2024 में हो गया. नरेन ने पारी की शुरुआत करते हुए 34.86 के औसत और 180.74 के स्ट्रा-रेट से टूर्नामेंट के इतिहास में अपने सबसे ज्यादा 488 रन बनाए. इसमें एक शतक और तीन अर्द्धशतक शामिल थे.

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इस साल क्या केकेआर के पास है विकल्प?

ओपनर या नहीं, लेकिन सुनील खेलेंगे? कुछ ऐसा ही आंद्रे रसेल के बारे में कहा जा सकता है. बाकी विकल्प के लिए क्विंटन डि कॉक सबसे पसंदीदा ओपनर हैं. और अगर डिकॉक खेलते हैं, तो वह पारी शुरू करेंगे. केकेआर को डिकॉक का साझीदार ढूंढने की जरूरत है. लेकिन क्या नरेन से बेहतर साझीदार है? क्या केकेआर इस बार उनसे पारी की शुरुआत कराएगा? क्या फिर से ट्रंप-कार्ड फेंका जाएगा?

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