- भारत ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया
- वैभव सूर्यवंशी ने 55 गेंद में 175 रन की पारी खेलकर टूर्नामेंट में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया
- सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया
India beat England by 100 Runs in U19 World Cup Final: क्रिकेट के नए 'वंडरकिड' वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की शायद सबसे प्रभावशाली पारी खेली जिससे भारत ने शुक्रवार को फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया. दिलचस्प बात है कि भारत ने पिछली बार 2022 में वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को हराकर ही खिताब जीता था. भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी जो टूर्नामेंट के इतिहास में देश के दबदबे को दिखाता है. दसवीं बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए सूर्यवंशी के शतक से नौ विकेट पर 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में इंग्लैंड 40.2 ओवर में सिर्फ 311 रन बनाकर ऑल-आउट हुई. भारतीय टीम ने 100 रनों से मैच अपने नाम किया. यह अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में रनों से लिहाज से किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड 2024 में बेनोनी में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 79 रनों का बनाया था.
चौदह साल के सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है.
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने इंग्लैड की टीम कालेब फाल्कोनर (115 रन, 67 गेंद) के शतक और सलामी बल्लेबाज बेन डॉकिन्स (66 रन) के अर्धशतक के बावजूद 40.2 ओवर में 311 रन ही बना सकी. सूर्यवंशी ने यह पारी तब खेली जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. उन्होंने सिर्फ 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी अंदाज में खेलते हुए दूसरा अर्धशतक सिर्फ 23 गेंद में बना लिया.
उनकी 175 रन की पारी में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए जिसमें 15 छक्के और इतने ही चौके शामिल थे. इस पारी के दौरान उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा दी. अब उनके नाम युवा वनडे पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने दिसंबर में दुबई में संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ अपने ही 14 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
सूर्यवंशी के नाम अब अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन (71 गेंद में) बनाने का रिकॉर्ड भी है. उन्होंने टूर्नामेंट में पहले इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयेस के रिकॉर्ड को बेहतर बनाया जिन्होंने 98 गेंद में 150 रन बनाए थे. सूर्यवंशी के दबदबे का अंदाजा इससे ही लग जाता है कि उनके 100 से 150 रन तक पहुंचने के दौरान दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया.
सूर्यवंशी की बल्लेबाजी इतनी जबरदस्त थी कि आधे मैच तक भारत का रन रेट लगभग 10 था और उस चरण पर टीम का अनुमानित स्कोर 500 था. बिहार के समस्तीपुर का यह खिलाड़ी दो घंटे से भी कम समय में क्रिकेट की दुनिया को हैरान करने के बाद 26वें ओवर में मैनी लम्सडेन की शॉर्ट गेंद को स्कूप करने की कोशिश में आउट हो गया. विकेटकीपर थॉमस रियू ने उनका कैच लपका.
इंग्लैंड के खिलाड़ी सूर्यवंशी को ऐसी पारी पर बधाई देने के लिए उनकी ओर दौड़े जो विश्व कप फाइनल में अक्सर देखने को नहीं मिलती. सूर्यवंशी ने अपने कप्तान आयुष म्हात्रे (51 गेंद में 53 रन) के साथ सिर्फ 19 ओवर में 142 रन बनाए. म्हात्रे अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद आउट हो गए. सूर्यवंशी ने अकेले इसी चरण में 22 छक्के लगा दिए और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पीछे छोड़ दिया जिन्होंने 2022 में 18 छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था.
सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं. उन्होंने इंग्लैंड के सभी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर राल्फी अल्बर्ट और ऑफ-स्पिनर फरहाद अहमद पर क्रमशः 27 और 22 रन बनाए. उनके आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू (31 गेंद में 40 रन), वेदांत त्रिवेदी (36 गेंद में 32 रन), विहान मल्होत्रा (36 गेंद में 30 रन) और कनिष्क चौहान (20 गेंद में नाबाद 37 रन) ने उपयोगी योगदान दिया.
भारत 400 रन के पार पहुंचकर जीत का प्रबल दावेदार बन गया था और उनके गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया. कुछ हद तक यह उपलब्धि अतीत की विश्व स्तरीय भारतीय अंडर-19 टीम के कारनामों से मिलती-जुलती थी जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल थे. लेकिन आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली इस टीम ने अपनी अलग पहचान बनाई, विशेषकर बल्लेबाजी के मामले में और सूर्यवंशी नाम के उस तूफानी खिलाड़ी से बेहतर इसका उदाहरण कोई नहीं हो सकता.
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