T20 World Cup 2026 अपना सफर ग्रुप स्टेज से सुपर-8 राउंड, फिर सेमीफाइनल और अब अपने अंतिम पड़ाव यानी भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand Final) के बीच रविवार को खेले जाने वाले मेगा फाइनल तक आ पहुंचा है. ग्रुप स्टेज में कुछ नियम थे. सुपर-8 में थोड़ा बदलाव हुआ, फिर थोड़ा बदलाव दोनों सेमीफाइनल में भी हुआ. और अब आखिरी टक्कर यानी फाइनल में भी 'प्लेइंग कंडीशन' में बदलाव होने जा रहा है. आप समझिए कि बदलाव क्या है और सेमीफाइनल और फाइनल के नियमों में क्या अंतर है.
परिणाम के लिए न्यूनतम ओवरों की समानता
सेमीफाइनल और फाइनल दोनों ही नॉकआउट मुकाबलों में एक समानता है कि मैच का परिणाम निकालने के लिए अनिवार्य रूप से दस ओवरों का मैच खेला जाना जरूरी है (बशर्ते पहली पारी में कोई टीम पहले ऑलआउट न हो गई हो). मतलब अगर पहले बैटिंग करने वाली टीम 9.5 ओवर खेलती है और फिर बारिश आ जाती है, तो फिर यह अगले रिजर्व-डे में चला जाएगा. और अगर तभी भी खेल संभव नहीं होता है, तो मैच रद्द घोषित कर दिया जाएगा.
2. रिजर्व-डे और अतिरिक्त समय
सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में अंतर यह है कि जहां अंतिम चार की टक्कर में 90 अतिरिक्त मिनट का प्रावधान था, तो फाइनल में इसे आधा घंटा बढ़ाकर 120 मिनट कर दिया गया है. रिजर्व-डे में सेमीफाइनल में एक्स्ट्रा-टाइम 120 मिनट का था, तो फाइनल में भी रिजर्व-डे के दिन एक्स्ट्रा-टाइम 120 मिनट का ही रहेगा.
3. रिजर्व -डे पर मैच शुरू होने के समय का अंतर
सेमीफाइनल में रिजर्व-डे के दिन मैच पहुंचने पर फिर से मैच शुरू होने का प्रावधान दोपहर तीन बजे से था, लेकिन फाइनल में मैच रिजर्व-डे में पहुंचने पर यह शाम सात बजे से ही खेला जाएगा. दोनों में एक समानता यह है कि मैच जहां रुका, वहीं से अगले दिन शुरू होगा. उदाहरण के तौर पर अगर पहले दिन मैच 9.3 ओवरों पर रुकता है, तो अगले दिन 9.4 ओवर से शुरू होगा. जो बल्लेबाज स्ट्राइक पर था, वहीं गेंद का सामना करेगा. और जो बॉलर ओवर कर रहा था, वही आगे का ओवर खत्म करेगा.
4. टाई ब्रेकर: सबसे बड़ा अंतर
सेमीफाइनल और फाइनल में सबसे बड़ा अंतर यही है. वह वह है बारिश का खेला. सेमीफाइनल में रिजर्व-डे के दिन बारिश से मैच धुलने की सूरत में सुपर-8 राउंड में ऊपर रहने वाली टीम आगे बढ़ती थी, लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं ही होगा. अगर फाइनल में रिजर्व-डे भी बारिश से धुल जाता है, तो फिर दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. ऐसा वैश्विक स्तर की ट्ऱॉफी में एक ही बार हुआ, जब साल 2002 में आईसीसी ट्रॉफी में भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया था.
5. सुपर ओवर का अंतर
वहीं सेमीफाइनल में बारिश या किसी और वजह से सुपर ओवर का आयोजन नहीं हो पाता है, तो सुपर-8 राउंड में ऊपर रहने वाली टीम फइनल में जगह पाती है, लेकिन फाइनल में अगर ऐसा होता है, तो फिर एक बार फिर से दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा.
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