IND vs NZ 1st ODI: विराट बने नंबर‑2, इस गणित से जानें क्यों सचिन का रिकॉर्ड तोड़ना है असंभव

IND vs NZ 1st ODI: विराट कोहली बने नंबर‑2, लेकिन गणित बताता है क्यों तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटना लगभग असंभव है

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India vs New Zealand 2026:

India vs New Zealand: विराट कोहली (Virat Kohli) मानो उम्र बढ़ने के साथ-साथ किसी पुरानी शराब की तरह होते जा रहे हैं! उम्र बढ़ रही है, लेकिन वही जोश, वही फिटनेस और बल्ले की वही धार! करीब महीने भर पहले यह एहसास दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली ने कराया था, तो अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में पहले वनडे में बहुत ही शानदार 93 रन की पारी खेलकर करा दिया. और जब कोहली ने पारी का 26वां रन बनाया, तो पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहले संयुक्त रूप से (तीनों फॉर्मेटों में मिलाकर) 28,000 रन पूरे किए, तो फिर 42वें रन के साथ ही उन्होंने श्रीलंकाई दिग्गज कुमार संगाकारा (28,016) को पछाड़कर नंबर-2 पायदान हासिल कर ली. अब सवाल यह है कि क्या कोहली यहां से सचिन के सबसे ज्यादा रन (34,357 रनों) के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे? सवाल ही पैदा नहीं होता. यह कहना गलत नहीं होगा ऐसा करना कोहली के लिए मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन है. आप बताए गणित से समझिए कि अगर कोहली साल 2028 तक यानी अगले करीब दो साल तक खेलते (मुश्किल है) हैं, तो वह सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने पर भी कहां तक पहुंच पाएंगे. वहीं, यह भी जानिए अगर वह किसी तरह अगले चार साल यानी 41 साल की उम्र तक खुद को खींचने, प्रोत्साहित करने और रन बनाने में सफल भी रहते हैं, तो इस पहलू से कोहली रनों के लिहाज से कहां खड़े होंगे. बारी-बारी से समझिए, इत्मिनान से समझिए. 

सचिन और कोहली की वर्तमान स्थिति

सचिन के तीनों फॉर्मेटों में मिलाकर 34, 357 रन हैं, तो कोहली कोहली के रनों की संख्या 27,975 (वडोदरा की पारी से पहले के मानक पर) है. दोनों के बीच फिलहाल यहां से अंतरराष्ट्रीय रनों के मामले में 6,382 रन का अंतर है, जो कि अच्छा-खासा अंतर है.

अगर अगले 2 साल में करीब इतने वनडे खेलेंगे कोहली

न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज शुरू होकर फिर अफगानिस्तान (3 वनडे), इंग्लैंड (3), विंडीज (3 वनडे), न्यूजीलैंड (3), श्रीलंका (3 वनडे) होंगे. एशिया कप (2027) में मान लेते हैं कि वह कम से कम 4-5 वनडे खेलेंगे. मतलब कुल मिलाकर साल साल 2026 में 22 और अगरे साल भी इतने ही वनडे मैचों को मानक बनाते हुए आगे बढ़ते हैं. मान लेते हैं कि कोहली 2027 तक 44 वनडे मैच खेलेंगे.

कोहली का पहला गणित:-

विराट का औसत अभी तक 58.46 का रहा है. और अगर वह अगले दो साल में 44 मैचों में इसी औसत से आगे बढ़ते (आउट होने के साथ) हैं, तो वह 2027 तक 2572 रन बनाएंगे. इस तरह उनका कुल रन योग ( 27,975+2572)=30,547 हो जाता है. और अगर इसमें सचिन के कुल रन (34,357-30,547) से इसमें घटाने पर अंतर 3,810 रन आता है.

कोहली का दूसरा गणित:-

कोहली अपने पूरे करियर में करीब 16 प्रतिशत नॉटआउट रहे हैं. इसका मतलब यह है कि 44 मैचों की तुलना में वह 37 बार ही आउट होंगे. ऐसे में अगर उनके औसत (58.46) को 37 से गुणा किया जाए, तो रनों का आंकड़ा 2163 होता है. इससे उनका योग (27,975+2163)= 30,138 आता है. इस आंकड़े से तो उनके और सचिन के बीच रनों का अंतर तुलनात्मक रूप से और ज्यादा (4,219) हो जाएगा.

कुल मिलाकर बात यह है कि...

अगर कोहली अगले दो साल यानी 2027 तक 44 वनडे और भी खेल लेत हैं, तो कोहली के कुल अंतरराष्ट्रीय रनों की संख्या 30,010 से लेकर 30,547 के बीच या इसके इर्द-गिर्द रहेगी. यह औसत और नॉटआउट पर निर्भर करता है. और कोहली सचिन से करीब 3800 से 4300 रन पीछे रह जाएंगे. विराट अगले साल तक 39 साल के हो जाएंगे....

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....लेकिन कोहली अगर 41 साल तक और 88 वनडे और खेल भी लेते हैं तो:-

मान लेते हैं कि कोहली खुद को 41 की उम्र तक फिट रखते हैं. और वह यही औसत 58.46 निकालते हैं. मान लेते हैं कि वह अगले चार साल में यहां से 88 वनडे और खेलने में सफल रहते हैं. अगर ऐसा होता भी है, तो भी कोहली (सभी मैचों में आउट होने वाली शर्त पर) सचिन से बताए गए गणित के आधार पर 1237 रन पीछे रह जाएंगे.

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