- न्यूजीलैंड ने 52 साल के वनडे इतिहास में पहली बार भारत को घरेलू मैदान पर वनडे सीरीज में हराया है
- कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत ने 19 टेस्ट में 7 जीत और 10 हार का सामना किया है
- रविंद्र जडेजा ने 2020 के बाद वनडे में कोई अर्धशतक नहीं बनाया है और उनकी फॉर्म पर सवाल उठ रहे हैं
भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में पहली जीत न्यूजीलैंड के वनडे इतिहास का सबसे बड़ा लम्हा बन गया है. 52 साल के न्यूजीलैंड के वनडे इतिहास में किवी टीम ने भारत को पहली बार वनडे सीरीज में शिकस्त दी. अब कोच गौतम गंभीर और रविंद्र जडेजा फ़ैन्स और एक्सपर्ट्स के निशाने पर आ गए हैं. सोशल मीडिया पर फ़ैन्स और एक्सपर्ट्स तीखे सवाल कर रहे हैं. भारत वाइट बॉल क्रिकेट का बादशाह माना जाता है. आईसीसी रैंकिंग में भारत वनडे और टी-20 दोनों ही फ़ॉर्मैट में नंबर-1 टीम है. ऐसे में घरेलू मैदान पर टीम इंडिया की ये हार को पचाना किसी के लिए भी बेहद मुश्किल होगा.
कोच गंभीर के करियर पर भी ये बड़ा दाग है. भारत को न्यूज़ीलैंड ने साल 2024 में भारत में हुई टेस्ट सीरीज़ में 3-0 से शिकस्त दी थी तबसे ही कोच पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं.
टीस भरी हार का सिलसिला
कोच गंभीर की अगुआई में टीम इंडिया मे साल 2025 में इंग्लैंड में शानदार टेस्ट सीरीज़ ज़रूर खेली. लेकिन गंभीर की अगुआई में टीम इंडिया की कई बड़ी हार फ़ैन्स के गले नहीं उतर रही. भारत को न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में पहले किवी टीम ने 3-0 से हराया तो दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट सीरीज़ में 2-0 से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के फ़ाइनल में पहुंचने का मौक़ा बेहद मुश्किल कर दिया.
बॉर्डर गावस्कर सीरीज़ में 5 टेस्ट मैच की सीरीज़ में भारत की 1-3 से हार टीस भरी साबित हुई. गंभीर के कार्यकाल में भारत ने 19 टेस्ट मैचों में 7 जीत हासिल की 10 में हार का मुह देखा जबकि 2 टेस्ट ड्रॉ रहे. 36.82% के जीत का आंकड़ा भारत के लिए मायूसी भरा साबित हुआ.
जडेजा का आखिरी अर्द्धशतक 2020 में
रविंद्र जडेजा ने वनडे में अपनी आखिरी अर्द्धशतकीय पारी कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 2020 में खेली थी, जब उन्होंने नाबाद 66 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत मुकम्मल करवाने में अहम रोल अदा किया था. लेकिन तब से लेकर 6 साल तक जडेजा कोई अर्द्धशतक नहीं बना सके हैं.
कैनबरा में खेली गई अर्धशतकीय पारी के बाद जडेजा ने 42 वनडे मैचों में 45 नॉट आउट का अपना बेस्ट स्कोर बनाया है. इस दौरान उन्होंने 44 विकेट अपने नाम किए हैं. कई खिलाड़ी 37 साल की जडेजा की जगह लेने को तैयार हैं. लेकिन गंभीर के जडेजा-मोह को लेकर कई एक्सपर्ट्स हैरान हैं. अबतक खेले गए 210 वनडे मैचों में जडेजा के नाम 13 अर्द्धशतकों के सहारे 2905 रन हैं. इतने ही मैचों में उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं.
प्लेइंग XI को लेकर उठते रहे सवाल
टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों ही फ़ॉर्मैट में कोच गंभीर और यहां तक कि चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठते रहे हैं. इन तीनों ही फ़ॉर्मैट में गंभीर जिस तरह से रविंद्र जडेजा, संजू सैमसन और वाशिंगटन सुंदर का इस्तेमाल करते रहे हैं उसे लेकर उतने ही सवाल भी खड़े हुए हैं. गंभीर ख़ासकर सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली से पेश आए हैं उसे लेकर आलोचनाएं होती रही हैं.
गंभीर का ‘अड़ियल' रवैया
गंभीर के कार्यकाल में रोहित शर्मा ने वनडे फॉर्मैट से कप्तानी गंवाई तो शुभमन गिल पहले टी-20 टीम के उपकप्तान बने और फिर टी-20 की वर्ल्ड कप टीम से बाहर हो गए.
इन सबमें गंभीर के रवैये को लेकर सवालों की लिस्ट लंबी होती गई है. फ़ैन्स कोच गंभीर और रविंद्र जडेजा से अच्छे ख़ासे नाराज़ नज़र आते हैं और अपनी भड़ास सोशल मीडिया पर निकाल रहे हैं.
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