Sanu Samson out of Zimbabwe tour: खेलों की दुनिया कितनी क्रूर है, इसका जीता-जागता उदाहरण बन गए हैं संजू सैमसन (Sanju Samson). इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को खिलाने की चर्चा में 'उबाल' बना ही हुआ था कि सोमवार को संजू को लेकर एक और अप्रत्याशित खबर आ गई. सोमवार को जिंबाब्वे दौरे के लिए घोषित तीन टी20 मैचों की सीरीज के लिए भी संजू को टीम से बाहर कर दिया गया है. मतलब अभी तक सैमसन XI से ही बाहर थे, लेकिन अब वह टीम का ही हिस्सा नहीं होंगे. हालांकि, अगरकर एंड कंपनी यह कह सकती है कि 'जिंबाब्वे जैसे'दौरे और युवा खिलाड़ियों को परखने के कारण यह फैसला लिया गया, लेकिन इसके बावजूद यह सवाल यहां से कहीं ज्यादा वजनदार हो चला है कि यहां से अब संजू सैमसन का क्या? उम्र के 32वें साल में चल रहे संजू सैमसन का क्या होगा? और सवाल सिर्फ यही नहीं है, यहां कुछ बड़े प्वाइंट और भी हैं
अब उस 'संतुलन' का क्या?
याद कीजिए चार महीने पहले टी20 विश्व कप के टीम ऐलान की प्रेस कॉन्फ्रेंस. 2024 की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे यशस्वी जायसवाल समीकरण से बाहर हो गए, तो पिछले एक साल से टी20 टीम का हिस्सा रहे जितेश शर्मा भी टीम से बाहर हो गए. और तब तत्कालीन कप्तान रहे सूर्यकुमार यादव और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा, 'हम टीम के संतुलन को बेहतर करने के लिए विकेटकीपर को ओपनर के रूप में चाहते थे. इसीलिए संजू सैमसन को टीम में जगह दी गई.'
बात एकदम दो सौ फीसद सही थी क्योंकि जब कोई विकेटकीपर पारी की शुरुआत करता है, तो कप्तान को XI में अतिरिक्त विकल्प (बॉलर, बैट्समैन या ऑलराउंडर) को खिलाने का मौका मिलता है. लेकिन वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू से 'वह संतुलन' भी पीछे छूट गया, जो चार महीने पहले गढ़ा गया था. अब विश्व कप प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट सैमसन (विकेटकीपर) के XI से बाहर होने के साथ 'उस संतुलन' का क्या होगा? मगर जिंबाब्वे के खिलाफ टीम के ऐलान के बाद अब सवाल का दायरा संजू को लेकर 'उस संतुलन' से भी आगे चला गया है.
क्या कोई रास्ता नहीं था? छिड़ी बहस
इसमें कोई दो राय नहीं कि आयरलैंड दौरे की शुरुआत से ही एक बड़ा वर्ग वैभव सूर्यवंशी को XI में खेलते देखना चाहता था. और आखिर में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच में मौका मिला, लेकिन लेकिन यह बात भी उतनी ही सही है कि वैभव को खिलाने की बात करने वाले ही लोग यह सैमसन की कीमत पर नहीं चाहते थे? ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या प्रबंधन के पास कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था? निश्चित रूप से यह बहुत ही ज्यादा मुश्किल सवाल है, लेकिन क्या संजू और वैभव दोनों को XI में शामिल करते हुए कोई जवाब नहीं ही है? पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने तोे इंग्लैंड के खिलाफ सैमसन को XI से बाहर बैठाने को भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे खराब निर्णय तक करार दिया. ऐसे में अब जिंबाब्वे दौरे में 15 सदस्यीय टीम में संजू को जगह न दिए जाने पर पूर्व दिग्गजों और फैंस के कैसे रिएक्शन आएंगे, यह समझा जा सकता है. इससे इतर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो कुछ भी सैमसन के साथ हुआ, क्या वह सही है?
यहां से संजू सैमसन का अब क्या?
संजू सैमसन को लेकर खबर आ रही है कि उन्हें अर्शदीप, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा के साथ जिंबाब्वे दौरे के लिए रेस्ट दिया गया है? एक बार को बाकी खिलाड़ियों को छोड़ देते हैं और संजू को लेकर ही सवाल करते हैं कि क्या सैमसन को वास्तव में ही आराम दिया गया है? क्या सैमसन ने आराम मांगा? आराम दिया गया, तो क्यों दिया गया? हैरानी की बात यह है कि संजू तो सिर्फ एक ही फॉर्मेट (T20) टीम में हैं, तो आराम की बात कहां से पैदा हो गई? ये वो तमाम सवाल हैं, जो चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में देने चाहिए थे. लेकिन जिंबाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम के लिए BCCI ने ई-मेल भेजकर काम चला लिया. कौन जानता है कि तीखे सवालों से बचने के लिए ही बीसीसीआई ने ऐसा किया? वहीं, अब इंग्लैंड मैचों को मिलाकर अगर जिंबाब्वे दौरे में वैभव सूर्यवंशी बल्ले से आईपीएल जैसी न सही, अगर इसके आस-पास जैसी भी बैटिंग कर देते हैं. और कुछ अच्छी पारियां खेल देते हैं तो फिर संजू सैमसन का क्या? जाहिर है, इस सूरत में कोई आम फैन भी बता देगा कि इस सूरत में संजू सैमसन का क्या होगा!