लगातार दो कप्तानी में खिताब, प्रदर्शन धुआंधार, फिर भी पाटीदार को जगह नहीं, अगरकर ने बताई वजह

देश में रजत पाटीदार जैसे भी खिलाड़ी हैं, जो कप्तानी में लगातार दो खिताब जीतने और बल्ले से तूफान मचाने के बावजूद उनके लिए टीम इंडिया में जगह नहीं है

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पाटीदार का टीम न न होना बताने के लिए काफी है कि भारतीय टी20 टीम का चयन मानक कहां पहुंच चुका है
source: social media

Ajit Agarkar on Rajat Patidar: शुक्रवार को आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के लिए हुए टीम इंडिया चयन के लिए पहली बार वैभव सूर्यवंशी और मीडियम पेसर प्रिंस यादव का टीम इंडिया में चयन फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, तो हाल ही में अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरा खिताब जिताने वाले रजत पाटीदार की अनदेखी को लेकर भी बातें हो रही हैं. इस सीजन में पाटीदार का एक अलग ही रूप सभी ने देखा और उन्होंने धुरंधर अंदाज में बैटिंग करते हुए खिताबी अभियान के सफर में कई यादगार पारियां खेलीं. लेकिन इसके बावजूद भी पाटीदार को टीम में जगह नहीं मिली. इसी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने सफाई दी कि पाटीदार क्यों जगह बनाने में सफल नहीं रहे. 

टीम की घोषणा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए, मुख्य चयनकर्ता अगरकर ने स्वीकार किया कि चयन बैठक के दौरान पाटीदार सहित कई खिलाड़ियों के नामों पर चर्चा की गई थी.  अगरकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय क्रिकेट में उपलब्ध विशाल टैलेंट पूल के कारण चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी बनी हुई है. उनके अनुसार, देश का प्रतिनिधित्व करने की योग्यता रखने वाले कई खिलाड़ी भी अनिवार्य रूप से टीम में जगह बनाने से चूक जाते हैं, क्योंकि टीम में चयन के लिए सीमित ही जगह  हैं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सवाल पर अगरकर ने कहा, 'हमने कई खिलाड़ियों के बारे में चर्चा की. लेकिन जो चुने गए, वे पूर्ण हकदार थे. भारत में कई अच्छे खिलाड़ी हैं. यहां कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टीम में चुने जाने के लिए बहुत ही अच्छे हैं. लेकिन जो खिलाड़ी खेल रहे हैं, वे भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. हमने लगता है कि हमने एक अच्छी टीम चुनी. ऐसे में कुछ खिलाड़ी जगह बनाने से चूकेंगे भी, लेकिन हमने अच्छी टीम चुनी है और हम इसके  साथ खुश हैं.'

नहीं मिला आईपीएल 2026 के शानदार सफर का इनाम

पाटीदार के आईपीएल 2026 के आंकड़े यह साफ तौर पर बयां करते हैं कि उन्हें टीम में शामिल न किए जाने पर इतनी बहस क्यों हो रही है. इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने इस सीजन में 192.69 के हैरान कर देने वाले स्ट्राइक रेट से 501 रन बटोरे. तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों पर हावी होने की उनकी काबिलियत ने उन्हें इस टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक मध्यक्रम (मिडिल ऑर्डर) बल्लेबाजों में से एक बना दिया.

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पूरे सीजन के दौरान, पाटीदार ने 30 चौके जड़े और 42 छक्के लगाए. उन्होंने तूफानी अंदाज से कई बार मैच का रुख मोड़ दिया. आंकड़ों से इतर उनकी रणनीतिक समझ और शांत नेतृत्व ने बेंगलुरु को एक और चैंपियनशिप जिताने में बेहद अहम भूमिका निभाई.

इन शानदार उपलब्धियों के बावजूद 33 वर्षीय खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम में चयन अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है. हालांकि, चयनकर्ताओं ने आगामी दौरों के लिए एक अलग ग्रुप पर  भरोसा जताया है, लेकिन पाटीदार का निरंतर प्रदर्शन और उनकी नेतृत्व क्षमता यह सुनिश्चित करती है कि यदि वे अपनी इस बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हैं, तो भविष्य के अवसरों के लिए उनके नाम पर मजबूती से विचार किया जाता रहेगा.

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