Unique Wedding: अब तक आपने ऐसी शादी देखी होंगी जहां दूल्हा बारात लेकर जाता है और दुल्हन को विवाद कराकर अपने घर ले जाता है. लेकिन क्या आपने कहीं ऐसा देखा या सुना है कि दुल्हन बारात लेकर आई हो और दूल्हे को विदा कराकर अपने साथ ले गई हो? जी हां, हैरान मत होइए... इस तरह की अनोखी शादी चर्चा है. जहां दुल्हन शादी कर दूल्हे को ले गई और अब दूल्हा जीवनभर उसी के घर रहेगा.अपनी विदाई के दौरान दूल्हा फूट-फूटकर रोया, जैसे अक्सर विदाई में दुल्हनें रोती हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं इस अनोखी शादी के बारे में...
यह अनोखी शादी हुई है छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले के सुलपगा गांव में. जहां परंपराओं को चुनौती देते हुए दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची. इसके बाद मसीही परंपरा के रीति-रिवाज से दुल्हन देवमुनि एक्का और दूल्हा बिलासुस बरवा का विवाह संपन्न हुआ. लेकिन, इस विवाह में कन्यादान नहीं, ‘वरदान' किया गया.
Chhattisgarh Unique Wedding: विदाई के समय फूट-फूटकर रोया दूल्हा.
विदाई में फूट-फूटकर रोया दूल्हा
Chhattisgarh unique wedding
ऐसा क्यों किया गया ?
दरअसल, दुल्हन देवमुनि एक्का का कोई भाई नहीं है, वे चार बहनें हैं. पिता मोहन एक्का खेती-किसानी का काम करते हैं. दुल्हन देवमुनि एक्का के पिता किसी बेटे की तलाश में थे. इस बीच उन्होंने अपनी बेटी देवमुनि का रिश्ता बरवा परिवार में तय किया. दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ कि बिलासुस बरवा शादी के बाद दुल्हन के घर रहेगा. इसी के तहत यह अनोखी तरह की शादी संपन्न हुई. मोहन एक्का ने कहा कि कि यह फैसला भले समाज को अलग लगे, लेकिन उनके परिवार के लिए यह जरूरी था. वे दूल्हे को अपने घर ले जाकर बेटे की तरह रखेंगे.














