फाइल फोटो
दिल्ली:
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 20 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों की स्थापना की योजना पर अपना निर्णय टाल दिया. सूत्रों ने बताया कि यह मामला कैबिनेट की बैठक में था किन्तु इस पर निर्णय टाल दिया गया. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फरवरी में नये नियमों को बनाया था ताकि 20 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा सके. इनमें 10 सार्वजनिक क्षेत्र और 10 अन्य निजी क्षेत्र में होंगे.
इन 20 विश्वविद्यालयों में से एक इस वर्ष के बजट में प्रस्तावित है. 10 राज्य समर्थित संस्थानों में प्रत्येक को 500 करोड़ रूपये तक का सकारी धन मिलने की उम्मीद है.
व्यय वित्त समिति के इन संस्थानों के लिए 5000 करोड़ रूपये के प्रस्ताव को पेश किया गया. ये संस्थान मौजूदा हो सकते हैं या नयी परियोजनाएं भी हो सकती हैं (निजी क्षेत्र के लिए).
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन 20 विश्वविद्यालयों में से एक इस वर्ष के बजट में प्रस्तावित है. 10 राज्य समर्थित संस्थानों में प्रत्येक को 500 करोड़ रूपये तक का सकारी धन मिलने की उम्मीद है.
व्यय वित्त समिति के इन संस्थानों के लिए 5000 करोड़ रूपये के प्रस्ताव को पेश किया गया. ये संस्थान मौजूदा हो सकते हैं या नयी परियोजनाएं भी हो सकती हैं (निजी क्षेत्र के लिए).
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Cabinet, World-class Universities, Central Cabinet, Human Resource Development Ministry