यह ख़बर 02 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आपत्तिजनक सामग्री मामले में याहू को राहत

खास बातें

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कथित तौर पर अपनी वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री परोसने के मामले में निचली अदालत के याहू इंडिया के नाम जारी सम्मन को खारिज कर दिया।
नई दिल्ली:

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कथित तौर पर अपनी वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री परोसने के मामले में निचली अदालत के याहू इंडिया के नाम जारी सम्मन को खारिज कर दिया। उच्च न्यायालय ने सबूतों के अभाव में याहू को राहत दी।

याहू इंडिया के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने सम्बंधी निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाते हुए न्यायाधीश सुरेश कैत ने कहा, "याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी प्रकार के सबूत नहीं मिले हैं।"

याहू ने अपनी याचिका में कहा था कि उसके खिलाफ दायर शिकायत में न तो रिकार्ड के तौर पर किसी दस्तावेज का जिक्र है और न ही उसके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत की गई है।

उच्च न्यायालय ने इससे पहले निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने सम्बंधी याचिका को खारिज कर दिया था। शुक्रवार को न्यायाधीश कैत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान याहू को बरी कर दिया और उसे अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति प्रदान की।

याहू इंडिया उन दूसरी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों में से एक है, जिसने दिल्ली की एक अदालत से कहा था कि उनके खिलाफ दायर आपत्तिजनक सामग्री सम्बंधी मामले 'प्रेरित' हैं और इस कारण इन्हें नकार दिया जाना चाहिए।

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दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने याहू, गूगल और फेसबुक सहित 21 वेबसाइटों को कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने को लेकर सम्मन जारी किया था।